
छोटा जबड़ा, कानों की बनावट में बदलाव किस कारण से आता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Nager Syndrome: जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है, तो माता-पिता उसकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि और बनावट को बहुत गौर से देखते हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ बच्चे जन्म से ही शरीर की बनावट में थोड़े अलग होते हैं। उनके चेहरे की हड्डियां, कान या हाथ-पैर पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते। जब चेहरे और हाथ-पैर की हड्डियों के विकास में इस तरह की असामान्यताएं एक साथ दिखाई देती हैं, तो इसे मेडिकल की भाषा में नेगर सिंड्रोम (Nager Syndrome) कहा जाता है। यह एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार (Rare Genetic Disorder) है। इसे एक्रोफेशियल डिसोस्टोसिस (Acrofacial Dysostosis) भी कहा जाता है, जिसका सीधा सा मतलब है चेहरे और शरीर के दूरदराज के अंगों यानी हाथों-पैरों की हड्डियों का सही से विकास न होना। आइए समझते हैं कि नेगर सिंड्रोम क्या है, इसके क्या लक्षण होते हैं और इस स्थिति में बच्चों की देखभाल कैसे की जाती है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, नेगर सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों में लक्षण जन्म से ही स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। यह सिंड्रोम मुख्य रूप से शरीर के दो हिस्सों को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है चेहरा और हाथ-पैर।
चेहरे और हड्डियों की इस खास बनावट के कारण बच्चे को रोजमर्रा की बुनियादी गतिविधियों में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है;
साइंसडायरेक्ट के मुताबिक, नेगर सिंड्रोम एक जेनेटिक स्थिति है। यह मुख्य रूप से शरीर के SF3B4 नाम के जीन में बदलाव या खराबी (Mutation) आने के कारण होता है। यह जीन भ्रूण के विकास के दौरान चेहरे और हाथों की हड्डियों को सही आकार देने का काम करता है। ज्यादातर मामलों में यह जीन बदलाव नया होता है (Spontaneous Mutation), यानी माता-पिता को यह बीमारी नहीं होती, बल्कि गर्भधारण के दौरान अचानक जीन में यह बदलाव आ जाता है।
नेगर सिंड्रोम का कोई एक पक्का इलाज या दवा नहीं है जो इसे पूरी तरह ठीक कर सके, लेकिन सही समय पर डॉक्टरों की मल्टी-स्पेशलिस्ट टीम की मदद से बच्चे की जिंदगी को काफी आसान और सामान्य बनाया जा सकता है;
Updated on:
30 Sept 2026 02:07 pm
Published on:
30 Sept 2026 02:07 pm
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