
ज्यादा चमकीले दिखने वाले सेबों पर वैक्स (मोम) की कोटिंग होती है ताकि सेब ज्यादा दिन तक सुरक्षित रहे और उसका प्राकृतिक रंग भी बना रहे। वैक्स एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है। इसकी थोड़ी मात्रा शरीर में जाने से कोई नुकसान नहीं है लेकिन अधिक मात्रा में इनको खाने से बदहजमी, वायु विकार (एसिडिटी) व क्रॉनिक डायरिया जैसी बीमारियां हो सकती हैं। वैक्स में कोलेस्ट्रॉल भी होता है। इससे वजन भी बढ़ता है। कुछ सेबों पर रंगों का छिडक़ाव भी हुआ होता है जो कैंसर करता है। ये सेब ज्यादा विदेशों से मंगाए जाते हैं। ज्यादा दिनों के होने से पौष्टिकता भी घट जाती है।
खाने से पहले यह करें
सेब को हल्के गुनगुने पानी में थोड़ी देर छोड़ दें। वैक्स और रंग दोनों ही छूट जाएंगे। ज्यादा गर्म पानी में न डालें। इससे उसकी पौष्टिकता खत्म हो जाएगी। छिलका उतारने से भी उसकी पौष्टिकता कम हो जाती है।
-डॉ. विशाल गुप्ता, फिजिशियन, जयपुर