Side Effects of Buttermilk With Cumin: छाछ और जीरा वैसे तो पेट के लिए अच्छे हैं, लेकिन गलत तरीके से लेने पर ये एसिडिटी बढ़ा सकते हैं। ठंडी तासीर होने के कारण यह सर्दी-खांसी या साइनस की समस्या को और बिगाड़ सकता है। जीरे के साथ ज्यादा नमक मिलाकर पीना बीपी और किडनी के मरीजों के लिए ठीक नहीं है।
Side Effects of Buttermilk With Cumin: गर्मियों के दिनों में ठंडी-ठंडी छाछ में भुना जीरा मिल जाए तो मजा ही आ जाता है। हम इसे पेट की ठंडक और हाजमे के लिए सबसे अच्छा ड्रिंक मानते हैं।लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर किसी के लिए यह कॉम्बिनेशन अमृत नहीं होता? कुछ खास शारीरिक दिक्कतों में छाछ और जीरा फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। अगर आप भी इसे रोज पीते हैं, तो डॉक्टर प्रिया (फिजिशियन) से जानें इसके कुछ साइड इफेक्ट्स के बारे में।
जीरा पाचन तो ठीक करता है, लेकिन अगर आपकी छाछ बहुत ज्यादा खट्टी है, तो यह पेट में एसिड बढ़ा सकती है। डॉक्टर शारदा (आयुर्वेद विशेषज्ञ) के अनुसार ज्यादा मात्रा में जीरे का सेवन पेट में एसिडिटी की समस्या को बढ़ावा देता है। जिन लोगों का पेट संवेदनशील है, उन्हें इसे पीने के बाद खट्टी डकारें या सीने में जलन महसूस हो सकती है।
छाछ की तासीर ठंडी होती है और जीरा भी शरीर को ठंडक देता है। अगर आपको पहले से ही सर्दी-जुकाम या गले में खराश है, तो इसे पीने से कफ और बढ़ सकता है। खासकर शाम के वक्त या रात में इसे पीना आपकी सेहत को और खराब कर सकता है। इसलिए कोशिश करें कि दोपहर के समय इसका सेवन करें।
अक्सर लोग स्वाद के लिए छाछ में जीरे के साथ खूब सारा काला नमक डाल देते हैं। ज्यादा नमक का मतलब है शरीर में ज्यादा सोडियम, जो हाई ब्लड प्रेशर और किडनी की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
रात के समय छाछ और जीरे का सेवन करने से पाचन धीमा हो जाता है. इससे सुबह उठने पर पेट फूलने (Bloating) या गैस की समस्या हो सकती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।