स्वास्थ्य

Silent Heart Attack: न सीने में दर्द, न बेचैनी! महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक का सच आपको हैरान कर देगा

Silent Heart Attack: आज के इस वैज्ञानिक दौर में बीमारियों का पता ही नहीं चलता कि कब बीमारी की शुरुआत हुई और कब वह गंभीर रूप ले चुकी है। भारत में हार्ट अटैक जैसी बीमारी का हाल भी कुछ ऐसा ही है। इसके लक्षण भी ऐसे होते हैं कि हम पता ही नहीं लगा पाते कि ये लक्षण सामान्य हैं या किसी गंभीर बीमारी का संकेत। महिलाओं और पुरुषों में साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण बिल्कुल अलग-अलग होते हैं। इसी बात को साबित करते हुए हाल ही में दो मामले सामने आए हैं।

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Jan 01, 2026
silent heart attack (image- geminiAI)

Silent Heart Attack: आज के इस वैज्ञानिक दौर में बीमारियों का पता ही नहीं चलता कि कब बीमारी की शुरुआत हुई और कब वह गंभीर रूप ले चुकी है। भारत में हार्ट अटैक जैसी बीमारी का हाल भी कुछ ऐसा ही है। इसके लक्षण भी ऐसे होते हैं कि हम पता ही नहीं लगा पाते कि ये लक्षण सामान्य हैं या किसी गंभीर बीमारी का संकेत। महिलाओं और पुरुषों में साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण बिल्कुल अलग-अलग होते हैं। इसी बात को साबित करते हुए हाल ही में दो मामले सामने आए हैं।

राजस्थान के बूंदी जिले में एक 14 वर्षीय बालिका की बाथरूम में नहाते समय साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि उसे हार्ट अटैक जैसी बीमारी का कोई पूर्व लक्षण ही नहीं था। दूसरी तरफ, हाल ही में डॉ. ओबैदुर रहमान ने एक ऐसी महिला का केस साझा किया, जिसमें 36 साल की एक महिला जिसे लगा कि वह बहुत ज्यादा थकी हुई है, उसे इस थकान के 8 घंटे बाद हार्ट अटैक आया, जबकि उसे सीने में दर्द जैसा कोई लक्षण नहीं दिखा था। विज्ञान की भाषा में इसे 'एतपिकल मायोकार्डियल इस्किमिया' (Atypical Myocardial Ischemia) कहा जाता है। इन दोनों घटनाओं के आधार पर जानते हैं कि साइलेंट अटैक आने के लक्षण क्या हैं और समय रहते इससे कैसे बचा जा सकता है?

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महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक आने के संकेत(Silent Heart Attack Symptoms)

डॉक्टरों का कहना है कि महिलाओं में पुरुषों की तुलना में साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण बहुत ज्यादा छुपे हुए होते हैं। महिलाओं में साइलेंट अटैक के प्रमुख संकेत निम्न हैं:

1. बहुत ज्यादा थकान- मामूली थकान भी महिलाओं में साइलेंट हार्ट अटैक का कारण बन सकती है। ऐसी थकान जो आराम करने या चाय-कॉफी पीने के बाद भी ठीक न हो, तो उसे टालना नहीं चाहिए। यह साइलेंट हार्ट अटैक का छुपा हुआ संकेत हो सकती है।

2. जी मिचलाना (Nausea)- इस संकेत को अक्सर पेट की खराबी या एसिडिटी मान लिया जाता है। यदि बहुत लंबे समय तक लक्षण दिखाई दे, तो यह साइलेंट हार्ट अटैक का बड़ा संकेत हो सकता है।

3. बेचैनी होना- जब बिना किसी कारण ही शरीर में बेचैनी होने लगे और बार-बार ऐसा महसूस हो कि शरीर में कुछ गलत हो रहा है, तो ध्यान देना चाहिए। यह भी साइलेंट अटैक का लक्षण हो सकता है।

साइलेंट हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाने वाले कारक

  • महिलाओं में लंबे समय से PCOD और PCOS की दिक्कत होना।
  • परिवार में पहले से साइलेंट हार्ट अटैक का इतिहास (Family History) होना।
  • धूम्रपान का सेवन करना।
  • महिलाओं में प्रेगनेंसी से जुड़ी कोई पुरानी समस्या होना।

साइलेंट हार्ट अटैक से बचने के उपाय(Silent Heart Attack Prevention)

  • नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच करवाते रहें।
  • बहुत ज्यादा थकान और सांस फूलने की समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज न करें।
  • संतुलित आहार लें और नियमित रूप से कम से कम 8 घंटे की नींद लें।

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Updated on:
01 Jan 2026 01:04 pm
Published on:
01 Jan 2026 01:03 pm
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