कई बार मन में सवाल आता है कि क्या हो यदि...मैं पूरे सप्ताह फास्टफूड ही खाऊं? ऐसे ही और भी सवाल हैं पर उनका जवाब नहीं मिलता है। इस कड़ी में जानते हैं ऐसे सवालों के जवाब-
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित, पौष्टिक आहार और नियमित दिनचर्या जरूरी है। खासकर युवाओं के खानपान व जीवनशैली में तेजी से बदलाव आ रहा है। सामान्यत: लोग सप्ताह में एक से सात बार तक फास्टफूड खा रहे हैं। कुछ मजबूरी तो कुछ शौक के लिए। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी बढ़ रही हैं।
मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज
नौकरीपेशा दंपती व घर से दूर रह रहे युवा शाम के समय फास्टफूड ज्यादा खाते हैं क्योंकि यह आसानी से पेट भरता है। फाइबर व प्रोटीन की कमी से बार-बार भूख लगती है। ईटिंग डिस्ऑर्डर की समस्या शुरू हो जाती है। लंबे समय तक खाने से मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, लिवर व आंतों का कैंसर, महिलाओं में पीसीओडी, चेहरे पर दाने हो सकते हैं।
हाजमा बिगड़ सकता
लगातार सप्ताह भर खाने से पेट में मैदा, नमक व प्रिजर्वेटिव युक्त चीजें ज्यादा जाएंगी। इससे एसिडिटी बढ़ेगी, खट्टी डकारें आएंगी। पाचन बिगड़ेगा। सुस्ती महसूस हो सकती है। शरीर में ग्लूकोज की मात्रा तेजी से बढऩे से डायबिटीज के मरीजों का शुगर का स्तर और वजन बढ़ेगा।