
नई दिल्ली। आजकल सभी बहुत ज्यादा टेंशन ( Stress In Children ) का शिकार हो रहे हैं। इसमें बच्चे भी शामिल हैं। बच्चो का बचपन मरता चला जा रहा है, विकास होने से पहले ही उनके लाइफ में बहुत सारा प्रेशर आ जाता है। किताबों की टेंशन, पढ़ाई की टेंशन और भारी-भारी बुक्स के बीच उनका बचपन कहीं दब सा जाता है। धीरे-धीरे वे तनाव का शिकार होने लगते हैं। आज के समय एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ इतनी ज्यादा हो गई है की बच्चों का बचपन बहुत ही पीछे निकल जाता है। उसके साथ उनको खेलने का प्रॉपर समय न मिलना, पढ़ाई का दबाव, विभिन्न प्रतियोगिताएं जिनमें उन्हें बढ़-चढ़ कर भाग लेने के लिए फोर्स करना, आदि ऐसी चीजें हैं जो बच्चों के दिमाग पर असर डालती है। इनसे उनके व्यव्हार में परिवर्तन आने लगता है। आइए हम आपको कुछ संकेत बताते हैं जिससे आपको जानने में मदद मिलेगी कि कहीं आपका बच्चा तो डिप्रेशन में नहीं है।
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सोने में परेशानी
यदि आपके बच्चे लेट नाईट तक जाग रहें हैं तो इसके पीछे का कारण आपको उनसे जानना चाहिए। कहीं वे किसी चीज को लेकर चिंतित तो नहीं हैं या पढ़ाई में अंक कम आने परेशान तो नहीं हैं। क्योंकि यदि ऐसा है तो उनके दिमाग में इसका गलत असर पड़ेगा और वे धीरे-धीरे परेशान होते चले जाएंगे। तो आपको अपने बच्चों के साथ कुछ अच्छा समय सोने से पहले व्यतीत करना चाहिए। ताकि वे आपसे अपनी प्रॉब्लेम्स शेयर कर सकें और आप भी उन्हें अच्छे से समझा सकें।
छोटी-छोटी बातों में गुस्सा हो जाना
क्या आपको पता है कि जब बच्चे किसी चीज को लेकर तनाव में होते हैं तो वे बहुत जल्दी गुस्सा हो जाते हैं। वह आपसे अपनी बात सही से नहीं कह पाते हैं क्योंकि ये तरीका उन्हें नहीं पता होता है। तो वे आपसे रूठ जाते हैं या खाना-खाने में आनाकानी करने लगते हैं। तो यदि आपके बच्चे को जरूरत से ज्यादा गुस्सा आ रहा हो तो इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश करें।
नाखून नोचना या चबाना
यह आम बात है और अधिकतर सबको पता होता है कि जब भी कोई व्यक्ति किसी भी चीज को लेकर परेशान होता है तो वे अपने नाखून नोचने या चबाने लग जाता है। यदि आपके बच्चे भी ऐसा कर रहें हो तो इस बात पर ध्यान दें।
बिना बात के मूड स्विंग होना
बच्चों पर यह लक्षण आम होते हैं क्योंकि उन्हें बहुत ज्यादा मूड स्विंग्स होते हैं। यदि आपको आपके बच्चे अधिकतर गुस्से में दिख रहें हो तो उनसे इस बात की वजह पूछें। पढ़ाई का बोझ उनपर ज्यादा ना डालें। और कभी-कभी फेमिली ट्रिप भी प्लान करें। जिससे उन्हें अपने रूटीन से हटकर खुशी मिले।