Chronic Pain and Belly Fat : अगर आप शरीर में लगातार दर्द से जूझ रहे हैं, तो अब समय आ गया है कि आप पेट या पेट की चर्बी को कम करने की दिशा में गंभीरता से प्रयास करें। बुधवार को प्रकाशित एक शोध के अनुसार, पेट की चर्बी को घटाने से क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल दर्द में राहत मिल सकती है, खासकर जब दर्द कई जगहों पर हो और विशेषकर महिलाओं में। यह अध्ययन 'रीजनल एनेस्थेसिया एंड पेन मेडिसिन' जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
Chronic Pain and Belly Fat : अगर आप शरीर में लगातार दर्द से जूझ रहे हैं, तो हो सकता है कि अब समय आ गया है कि आप अपनी पेट की चर्बी को कम करने की दिशा में कदम उठाएं। एक हालिया अध्ययन के अनुसार, पेट की चर्बी को कम करने से क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल दर्द, खासकर महिलाओं में, कम हो सकता है। यह अध्ययन ओपन-एक्सेस जर्नल 'रीजनल एनेस्थेसिया एंड पेन मेडिसिन' में प्रकाशित हुआ है।
मस्कुलोस्केलेटल दर्द हड्डियों, जोड़ों, लिगामेंट्स, टेंडन्स या मांसपेशियों को प्रभावित करता है और दुनियाभर में लगभग 1.71 अरब लोगों को प्रभावित करता है। पहले प्रकाशित शोधों से पता चला है कि मोटापा मस्कुलोस्केलेटल दर्द से जुड़ा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि अधिक फैट टिश्यू के कारण क्या कई जगहों पर क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल दर्द हो सकता है। इस शोध में तस्मानिया और मोनाश विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस कड़ी को समझने की कोशिश की।
शोधकर्ताओं के अनुसार, "एब्डोमिनल एडिपोज टिश्यू का संबंध क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल दर्द से पाया गया है, जो बताता है कि अत्यधिक और गलत स्थानों पर फैट जमने से कई जगहों पर और व्यापक क्रॉनिक मस्कुलोस्केलेटल दर्द की संभावना बढ़ सकती है।"
शोधकर्ताओं ने पेट की चर्बी को कम करने को क्रॉनिक दर्द प्रबंधन के लिए जरूरी बताया। अध्ययन में 32,409 प्रतिभागियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, जिसमें से आधे (51 प्रतिशत) महिलाएं थीं और उनकी औसत उम्र 55 वर्ष थी।
सभी प्रतिभागियों के पेट का एमआरआई स्कैन किया गया, जिसमें पेट के अंगों के आसपास जमा फैट (विसरल एडिपोज टिश्यू या VAT) और त्वचा के ठीक नीचे चुटकी में आने वाली चर्बी (सबक्यूटेनियस एडिपोज टिश्यू या SAT) की मात्रा मापी गई। लगभग 638 लोगों का दो साल बाद फिर से मूल्यांकन किया गया।
टीम ने पाया कि क्रॉनिक दर्द की जगहों की संख्या और VAT, SAT, दोनों के अनुपात और वजन (BMI) के बीच महत्वपूर्ण संबंध था। परिणामों से पता चला कि महिलाओं पर इसका असर पुरुषों की तुलना में दोगुना ज्यादा था।
शोधकर्ताओं के अनुसार, फैट वितरण और हार्मोन के कारण महिलाओं में यह अधिक असरदार हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, "यह एक अवलोकनात्मक अध्ययन है और इस कारण-प्रभाव को स्थापित नहीं किया जा सकता।"
अगर आप भी लगातार दर्द से जूझ रहे हैं, तो पेट की चर्बी पर ध्यान दें। सही खानपान और नियमित व्यायाम से इसे कम करके आप दर्द से राहत पा सकते हैं। इसे नजरअंदाज करना आपके स्वास्थ्य के लिए महंगा साबित हो सकता है।