1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Skin Disease: जब शरीर खुद बनाने लगे रंगीन धागे और त्वचा के नीचे महसूस हो कीड़ों का चलना! जानें क्या है यह रहस्यमयी बीमारी

Skin Disease: क्या आपने कभी ऐसी त्वचा की बीमारी के बारे में सुना है जिसमें त्वचा पर घाव के साथ मरीज को ऐसा महसूस हो कि उसकी त्वचा के नीचे कीड़ा चल रहा है? मोरजेलन्स (Morgellons) नाम की त्वचा की बीमारी में ऐसा ही होता है। आइए जानते हैं कि त्वचा की यह बीमारी क्या है, इसके कारण क्या हैं और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Nidhi Yadav

Jan 01, 2026

Skin Disease

Skin Disease (image- gemini AI)

Skin Disease: आज के इस डिजिटल और वैज्ञानिक युग में, जहां लगभग हर बीमारी का इलाज खोज लिया गया है और कई बार बीमारी होने से पहले ही उसका समाधान कर दिया जाता है, वहीं क्या आपको पता है कि त्वचा की एक बीमारी आज भी वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है? हालांकि इसके मरीजों की संख्या अन्य बीमारियों की तरह ज्यादा नहीं है, लेकिन फिर भी अगर यह बीमारी किसी को हो जाए तो व्यक्ति मानसिक रूप से भी बीमार हो जाता है। इस बीमारी की सबसे खास बात, जो इसे रहस्यमयी बनाती है, वह यह है कि इसमें त्वचा की समस्या घावों के रूप में उभरकर दिखाई देती है, लेकिन मरीज को ऐसा अहसास होता है कि उसके शरीर में त्वचा के नीचे कीड़े रेंग रहे हों। अब आप सोच में पड़ गए होंगे कि भला यह भी कोई बीमारी हो सकती है? जी हां, यह एक दुर्लभ त्वचा रोग है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मोरजेलन्स क्या होती है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए।

क्या होती है मोरजेलन्स (Morgellons) बीमारी?

मोरजेलन्स त्वचा की एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा पर छोटे-छोटे घाव हो जाते हैं और उनसे काले, सफेद या नीले रंग के बारीक रेशे निकलते हुए दिखाई देते हैं। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को बहुत ज्यादा दर्द से गुजरना पड़ता है। असल में इस बीमारी में मरीज को ऐसा लगता है कि उसके शरीर में, उसकी त्वचा के नीचे कीड़े चल रहे हों। कई सालों तक वैज्ञानिकों ने इस बीमारी को केवल एक मानसिक भ्रम माना था, लेकिन वास्तव में यह केवल मरीज का मानसिक भ्रम नहीं है। भारत में जागरूकता की कमी के कारण बहुत से लोग इसे 'जादू-टोना' समझकर घरेलू इलाज करते रहते हैं, जिसके कारण इस बीमारी की वास्तविकता का पता नहीं चल पाता है। कई सालों तक इसे 'डेल्यूजनल पैरासिटोसिस' (Delusional Parasitosis) माना गया था, और आज भी यह बीमारी वैज्ञानिकों के लिए एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है।

मोरजेलन्स बीमारी के लक्षण(Morgellons Disease Symptoms)

  • शरीर पर अचानक बहुत ज्यादा खुजली होना और छोटे-छोटे घाव बन जाना।
  • त्वचा पर बने घावों से कपड़े के रेशे जैसे बारीक तत्व निकलना।
  • व्यक्ति को ऐसा महसूस होना जैसे त्वचा के नीचे कोई कीड़ा काट रहा हो या चल रहा हो।
  • हमेशा अत्यधिक थकान महसूस करना।
  • जोड़ों में लगातार दर्द की शिकायत रहना।

मोरजेलन्स बीमारी के कारण(Morgellons Disease Cause)

  • दूषित जल का लंबे समय तक सेवन करना।
  • बोरेलिया (Borrelia) नामक बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण।
  • दूषित मिट्टी के संपर्क में आने से भी यह रोग हो सकता है।
  • मानसिक विकारों को भी इसका एक संभावित कारण माना जाता है।

मोरजेलन्स बीमारी से बचाव के उपाय(Morgellons Disease Prevention)

  • जितना हो सके हमेशा साफ और स्वच्छ पेयजल का ही प्रयोग करें।
  • खुद को तनाव और मानसिक दबाव से दूर रखें।
  • यदि आपको त्वचा पर कोई भी असामान्य घाव दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • किसी भी त्वचा संबंधी समस्या का इलाज खुद करने की कोशिश न करें।
  • व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) का विशेष ध्यान रखें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।