
Gut Microbiome Benefits (photo- gemini ai)
Gut Microbiome Benefits: अक्सर लोग पेट को सिर्फ खाना पचाने वाला अंग समझते हैं, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा बड़ी है। एक्सपर्ट्स पेट को शरीर का दूसरा दिमाग भी कहते हैं, क्योंकि यह सिर्फ डाइजेशन ही नहीं बल्कि इम्युनिटी, वजन, स्किन और यहां तक कि मूड तक को कंट्रोल करता है। अगर आपका गट (पेट) हेल्दी है, तो शरीर भी ज्यादा हेल्दी रहेगा। लेकिन अगर गट का बैलेंस बिगड़ जाए, तो मोटापा, डायबिटीज, एंग्जायटी, थकान और स्किन प्रॉब्लम जैसी कई परेशानियां शुरू हो सकती हैं।
आपके पेट में करोड़ों बैक्टीरिया रहते हैं, जिन्हें गट माइक्रोबायोम कहा जाता है। ये अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखते हैं। यही तय करते हैं कि खाना कैसे पचेगा, शरीर को कितनी एनर्जी मिलेगी और फैट कितना जमा होगा। इतना ही नहीं, पेट और दिमाग हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। इसी वजह से पेट खराब हो तो मूड भी खराब हो जाता है।
जब पेट खाली होता है तो घ्रेलिन बनता है और दिमाग को सिग्नल देता है कि भूख लगी है। खाना खाने के बाद इसका लेवल कम हो जाता है। डाइटिंग करने पर यही हार्मोन ज्यादा बनता है, इसलिए बार-बार भूख लगती है।
यह हार्मोन खाना खाने के बाद बनता है और दिमाग को बताता है कि अब पेट भर गया है। यही वजह है कि प्रोटीन और फाइबर वाला खाना ज्यादा देर तक पेट भरा रखता है।
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि यह दिमाग में बनता है, लेकिन असल में इसका बड़ा हिस्सा पेट में बनता है। यही हार्मोन मूड, नींद और खुशी को कंट्रोल करता है। अगर पेट ठीक नहीं, तो चिड़चिड़ापन, चिंता और उदासी भी बढ़ सकती है।
यह हार्मोन खाने के बाद बनता है और इंसुलिन रिलीज करवाता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल रहती है। साथ ही यह भूख कम करता है और पेट देर तक भरा रखता है।
यह शरीर को बताता है कि खाना आने पर इंसुलिन कितनी जल्दी रिलीज करनी है। साथ ही यह फैट स्टोरेज और हड्डियों की सेहत में भी भूमिका निभाता है।
अगर पेट हेल्दी है तो इम्युनिटी मजबूत रहती है। वजन कंट्रोल रहता है। स्किन ग्लो करती है। मूड अच्छा रहता है। नींद बेहतर आती है।
Published on:
20 Feb 2026 05:03 pm
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