स्वास्थ्य

एक क्लिक में आत्महत्या: सर्च इंजन बने खतरा, सरकार लेगी सख्त कदम?

इंटरनेट सर्च इंजन जैसे Google, Microsoft Bing, DuckDuckGo, Yahoo! और AOL पर ऐसी सामग्री भरी पड़ी है जो खुद को चोट पहुंचाने का महिमामंडन करती है। इससे बच्चों को खुद को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या का खतरा बढ़ सकता है। यह चेतावनी ब्रिटेन की संचार सेवाओं की नियामक संस्था ऑफकॉम की एक रिपोर्ट में दी गई है।
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Feb 01, 2024
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Suicide Risk Alert Search Engines Flooded with Harmful Content

इंटरनेट सर्च इंजन जैसे Google, Microsoft Bing, DuckDuckGo, Yahoo! और AOL पर ऐसी सामग्री भरी पड़ी है जो खुद को चोट पहुंचाने का महिमामंडन करती है। इससे बच्चों को खुद को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या का खतरा बढ़ सकता है। यह चेतावनी ब्रिटेन की संचार सेवाओं की नियामक संस्था ऑफकॉम की एक रिपोर्ट में दी गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि खोज इंजन पर खुद को चोट पहुंचाने से जुड़े शब्दों को सर्च करने पर पांच में से एक बार (22 प्रतिशत) नतीजे ऐसे आते हैं जो खुद को चोट पहुंचाने, आत्महत्या या खाने के विकारों को बढ़ावा देते हैं। यहां तक कि पहले पन्ने पर भी 19 प्रतिशत नतीजे ऐसे ही होते हैं।

खासकर तस्वीरों को सर्च करते समय यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। 50 प्रतिशत तस्वीरें ऐसी होती हैं जो खुद को चोट पहुंचाने को सही ठहराती हैं। शब्दों को थोड़ा बदलकर सर्च करने पर भी ऐसे नतीजे मिलने का खतरा छह गुना बढ़ जाता है।

रिपोर्ट में खोज इंजनों से बच्चों को ऐसी हानिकारक सामग्री से बचाने के लिए कदम उठाने की मांग की गई है।

मुख्य बातें:

- सर्च इंजन पर खुद को चोट पहुंचाने को बढ़ावा देने वाली सामग्री आसानी से मिल रही है।
- इससे बच्चों को खुद को नुकसान पहुंचाने और आत्महत्या का खतरा बढ़ सकता है।
- सर्च इंजनों से बच्चों को ऐसी सामग्री से बचाने के लिए कदम उठाने की मांग की गई है।

आप क्या कर सकते हैं?

- अपने बच्चों से बात करें और उन्हें इंटरनेट पर सुरक्षित रहने के तरीके बताएं।
- उन्हें बताएं कि किन शब्दों को सर्च नहीं करना चाहिए और किन वेबसाइटों पर नहीं जाना चाहिए।
- अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा खुद को चोट पहुंचाने के बारे में सोच रहा है, तो मदद लें। आप किसी - डॉक्टर, शिक्षक या काउंसलर से बात कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
01 Feb 2024 11:51 am
Published on:
01 Feb 2024 11:50 am