
इस समय मौसम बदल रहा changing season है, गर्मी का सीजन जा रहा है और सर्दी का सीजन आ रहा है। इसे बदलते मौसम में खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। खानपान पर ध्यान देकर बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बीमार होने से बच सकते हैं। शीत ऋतु में खानपान के साथ जीवनशैली में बदलाव करना होता है। जिनको बीपी, शुगर, थायरॉइड, कैंसर, दमा जैसी बीमारियां हैं उनको विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आहार को तीन भागों में बांटकर भोजन करें।
1- ऊर्जादायक आहार
2- बलकारी आहार
3- रक्षाकारी आहार
ऊर्जादायक आहार : इस आहार में गेहूं, चावल, जौ, बाजरा, मक्का, घी, तेल, गुड़, शक्कर, मक्खन, आलू, शकरकंद, जमींकंद आदि शामिल हैं। इनसे बनी चीजों के भोजन में शामिल करें।
बलकारी आहार : इस आहार में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन से भरपूर मेवे, दालें, पनीर व दूध आदि शामिल हैं।
रक्षाकारी आहार : बीमारियों से बचाने के लिए विटामिन्स, फाइटो विटामिन्स व खनिज लवणों से युक्त फल, सब्जियां आदि दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।
इसी तरह आहार को बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की कैटेगरी में बांट लेना चाहिए।
बच्चों का आहार : पनीर, दालें, अनाज, विटामिन ए, सी व ई युक्त पदार्थ, अंडे, ताजा फल व सब्जियों का जूस आदि दे सकते हैं।
युवाओं का भोजन : प्रोटीन, अंडे, हरी सब्जियां व फलों का सेवन करें। शरीर में फ्लूड इनटेक ज्यादा न करें।
महिलाओं की थाली : संतुलित आहार के साथ बादाम, अखरोट, अंजीर खाएं। कैल्शियम के साथ भरपूर डेयरी प्रोडक्ट्स भी ले सकते हैं।
बुजुर्गों के लिए : जौ, ज्वार जैसे मोटे अनाज (ओट्स) के साथ अंकुरित दालें लें। तरल पदार्थ के रूप में दही व फलों का जूस, रोजाना 10-12 गिलास पानी पीना जरूरी है।