
मानसून के दौरान आंखों में कुछ विशेष प्रकार के रोगों की आशंका बढ़ जाती है जिसमें कंजंक्टिवाइटिस मुख्य है। इस रोग में आंखों में लालिमा, खुजली, जलन, आंखें चिपकना व धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण हो सकते हैं। जानते हैं इस रोग से बचाव के बारे में।
एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस : इस रोग में पीडि़त व्यक्ति की आंखों में तेज खुजली, लालिमा, सूजन, जलन व भारीपन जैसे लक्षण हो सकते हैं।
बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस : आंखों में चुभन, लालिमा व पानी आना जैसे लक्षण इस रोग में होने लगते हैं। पीड़ित व्यक्ति को इस दौरान अपना तौलिया/रुमाल/कपड़े आदि अलग रखने चाहिए ताकि संक्रमण दूसरे व्यक्तियों में न फैले।
वायरल कंजंक्टिवाइटिस: इससे आंखों में लालिमा व धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण हो सकते हैं। यह वायरल आई फ्लू एडीनोवायरस (टाईप 8 व 19) से होता है। इसमें कभी-कभी कानों के पास कनपटी पर सूजन भी हो सकती है और कॉर्निया में सूक्ष्म जख्म होने से दिखना भी कम हो जाता है। यह एक या दोनों आंखों को प्रभावित करता है। इस समस्या के इलाज में देरी से धुंधलापन हमेशा के लिए भी हो सकता है।
कैमिकल कंजंक्टिवाइटिस : स्वीमिंग पूल में नहाने के बाद आंखों में खुजली, जलन या किरकिरी लगना आदि लक्षण हो सकते हैं।
सावधानी बरतें-
आंखों को रोजाना ठंडे पानी से 3-4 बार धो लें। मानसून में आंखों में सूखापन हो जाता है इसलिए इन्हें रगड़े या मसले नहीं।
अपना तौलिया या रुमाल आदि किसी के साथ शेयर न करें।
नियमित रूप से हाथों को धोएं। गंदे हाथों से आंखों को छूने से बचें वर्ना संक्रमण का खतरा रहता है।
मानसून के दिनों में आई मेकअप से परहेज करें। आंखों का कोई भी रोग होने पर विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही आई ड्रॉप आदि का प्रयोग करें।