स्वास्थ्य

सर्दी व प्रदूषण से बचाव, नाक में डालें दो बूंद सरसों का तेल

सर्दी का मौसम जोर पकड़ रहा है, इस स्थिति में लापरवाही न बरतें। कोरोना का भी खतरा है और दूसरे वायरस भी फैले हुए हैं, ऐसे में सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

2 min read
Dec 28, 2023
a.jpg

इस मौसम में सर्दी और जुकाम के साथ बुखार की समस्या भी हो जाती है। ऐसे में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें तो परेशानी की स्थिति से बचा जा सकता है। बुखार होने की स्थिति में गिलोय से बनी चीजें, रसायन या फिर घर में ही उसकी फ्रेश डंडियों का काढ़ा बनाकर पीएं। बुखार में गिलोय घनवटी और महासुदर्शन घनवटी का भी प्रयोग कर सकते हैं।

मालिश के लाभ
योग-व्यायाम करते हैं, तो शरीर में तेल लगाने के बाद करने से लाभ अधिक मिलता है। सर्दी के मौसम में मालिश करने से मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया सही रहती है। इन दोनों के ठीक रहने से इम्युनिटी भी बढ़ती है।

बुजुर्गों में बीपी की आशंका अधिक होती
बुजुर्गों में सुबह के समय ब्लड प्रेशर बढ़ने की आशंका ज्यादा रहती है। जिनकी उम्र 60-65 वर्ष से अधिक है, ऐसेलोग सामान्य लोगों की तुलना में एक कपड़ा ज्यादा पहनें। धूप निकलने के बाद ही वॉक करें। नमक-चीनी कम खाएं।

अभ्यंग-नस्य शुरू करें
सर्दी में मौसम में तिल, सरसों या नारियल के तेल को हल्का गुनगुना कर शरीर की मालिश करें। शाम को सोने से पहले एक-एक बूंद गाय का घी या तिल का तेल नाक में डालें। सुबह घर से बाहर निकलने से पहले एक-एक बूंद सरसों का तेल नाक में लगाकर निकलें। इससे संक्रमण, एलर्जी और प्रदूषण से बचाव होता है।

गले में खराश...क्या करें
सर्दी में गले में खराश, जुकाम, खांसी, शरीर में दर्द और बुखार आदि की आशंका रहती है। इस समय इम्युनिटी कम हो जाती है। आंवले का नियमित प्रयोग करें। एक-एक आंवला सुबह-शाम जरूर खाएं। इसे अचार, सब्जी, चटनी के रूप में लें। अभी आंवले के मुरब्बे की जगह फ्रेश आंवला आ रहा है, उसका उपयोग करें। साथ ही गिलोय का काढ़ा, च्यवनप्राश का प्रयोग करें। सुबह-सुबह एक या आधा चम्मच शहद ले सकते हैं। इससे आपकी इम्युनिटी बढे़गी।

दमा रोगियों के लिए चुनौती का समय
दमा-सांस के रोगियों को यह मौसम बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। इससे बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसके रोगी बाहर निकलें, तो मास्क लगाएं। सुबह जल्दी वॉक पर न जाएं। सर्दी ज्यादा हो, तो पूरे शरीर को कवर रखें। हल्दी, अदरक वाली चीजों को आहार में शामिल करें।

चाय में इन्हें जरूर मिलाएं
गले में खराश है, तो सुबह-शाम गुनगुने पानी से गरारे करें। इसमें हल्दी-नमक भी मिला सकते हैं। खाना हल्का ही खाएं। मूंग की दाल, दलिया, खिचड़ी, बाजरे-जौ की राबड़ी, सब्जियाें में लौकी, तरोई, चुकंदर, सीताफल आदि का सूप आदि ज्यादा लें। दूध, दही, मिठाइयां और पनीर कम मात्रा में खाएं। कालीमिर्च, सौंठ, हल्दी, तुलसी की पत्तियों का काढ़ा पीएं। खांसी है तो मुलैठी, सौंठ, कालीमिर्च, पिपली और मुनक्के का काढ़ा पीएं। चाय में मुनक्के को छोड़कर सब मिलाएं।

Published on:
28 Dec 2023 02:33 pm