युवाओं में इन दिनों टैटू को गुदवाने का शौक बढ़ गया है। दिखने में तो यह सुंदर लगता है लेकिन इसके कई दुष्प्रभाव भी देखे गए हैं। टैटू गुदवाने के दौरान सुई और इसकी स्याही से कुछ नैनोपार्टिकल्स शरीर में जाकर एलर्जिक रिएक्शन का कारण बनते हैं। जानें इस बारे में-
शोध में किया दावा
जर्मनी के फेडरल इंस्टीट्यूट फॉर रिस्क असेस्मेंट में हुए शोध के अनुसार शोधकर्ताओं का कहना है कि टैटू गुदवाने के दौरान इसकी सुई में मौजूद मैटल्स (आयरन, क्रोमियल, निक्कल) के कुछ सूक्ष्म कण और स्याही लिम्फ नोड (रोग प्रतिरोधक तंत्र का प्रमुख हिस्सा) में जाकर एलर्जिक रिएक्शन करते हैैं। पार्टिकल एंड फाइबर टॉक्सिकोलॉजी जर्नल में रिसर्च प्रकाशित हुई है।
स्याही की भी जांच
सेहत को ध्यान में रखते हुए शोध में लगभग ५० से ज्यादा स्याही पर जांच की गई। लेकिन ऐसे में संक्रमित सुई और स्याही दोनों को नुकसानदेह पाया गया। शोधकर्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि स्याही में मौजूद पिग्मेंट शरीर में प्रवेश कर धीरे धीरे रक्त में दुष्प्रभाव छोडऩा शुरू कर देते हैं। इसमें मुख्यत: एलर्जी रिएक्शन को पाया गया।
पहले पैच टैस्ट करवा सकते हैं...
टैटू को गुदवाने के दौरान उसकी स्याही से ज्यादा नुकसान होता है। प्रभावित जगह पर हल्का पानी निकलना, खुजली होना आम है। कई बार इन जगहों पर गांठ भी पड़ जाती है और एलर्जिक रिएक्शन के तौर पर वहां लालिमा भी आ जाती है। अच्छी जगह से टैटू न बनवाने पर कई बार संक्रमित सुई के प्रयोग से विशेषकर हेपेटाइटिस या एचआइवी की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए टैटू गुदवाने के बाद ज्यादा दिक्कत हो तो विशेषज्ञ को दिखाएं। टैटू गुदवाने से पहले चाहें तो कान के पीछे की तरफ पैच टैस्ट करवा लें ताकि पता चल सके कि टैटू की स्याही से कहीं आपको एलर्जी तो नहीं।
एक्सपर्ट :डॉ. पुनीत भार्गव, सीनियर प्रोफेसर त्वचा रोग विशेषज्ञ, एसएमएस अस्पताल