क्या आप जानते हैं कि 10 में से केवल 2 बच्चों को ही प्रतिदिन 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि मिल पाती है। जैसे-जैसे बच्चे की उम्र और स्कूल में ग्रेड बढ़ता है, सभी प्रकार की शारीरिक गतिविधियों में भागीदारी नाटकीय रूप से कम होती जाती है।
क्या आप जानते हैं कि 10 में से केवल 2 बच्चों को ही प्रतिदिन 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि मिल पाती है। जैसे-जैसे बच्चे की उम्र और स्कूल में ग्रेड बढ़ता है, सभी प्रकार की शारीरिक गतिविधियों में भागीदारी नाटकीय रूप से कम होती जाती है। किशोरों में फिटनेस से संबंधित कुछ सामान्य समस्याएं होती हैं, जिनसे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। इन समस्याओं का समाधान सही जीवनशैली और व्यायाम से किया जा सकता है।
घर पर वर्कआउट ऐसे करें
बॉडीवेट एक्सरसाइज: ये वर्कआउट किसी मशीन/ उपकरण के बिना किए जा सकते हैं।
पुश-अप्स - हाथों, छाती और कंधों को मजबूत करता है।
स्क्वाट्स - यह पैरों और ग्लूट्स के लिए होते हैं।
लंजेस - पैरों की ताकत बढ़ाते हैं।
प्लैंक - कोर मसल्स को मजबूत करते व माउंटेन क्लाइम्बर्स शरीर को सक्रिय रखते हैं।
योग: शारीरिक लचीलापन और मानसिक शांति बढ़ाने के लिए कुछ आसन करें, जिसमें ताड़ासन, वृक्षासन व भुजंगासन मुख्य हैं।
कुछ बातों का ध्यान रखें:
स्वस्थ आहार आदतें अपनाएं।
पर्याप्त नींद लें : किशोरों को 7-9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। यह मस्तिष्क को आराम देती है और मांसपेशियों को रिकवर होने में मदद करती है।
सकारात्मक सोच रखें : आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अपनी प्रगति को ट्रैक करें और छोटे लक्ष्य निर्धारित करें।
आउटडोर वर्कआउट
दौड़ : फिटनेस के लिए सरल और प्रभावी वर्कआउट है। दौडऩे से कार्डियो वर्कआउट होता है।
साइक्लिंग : पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं व स्टेमिना बढ़ता है।
स्ट्रेचिंग : हर वर्कआउट के पहले और बाद में स्ट्रेचिंग करें। हफ्ते में 4-5 दिन करने से किशोरों की फिटनेस बेहतर होगी। सप्ताह में कम से कम 180 मिनट एक्सरसाइज करें।
बच्चों में एकाग्रता को बढ़ाता
व्यायाम से बच्चों की दिनचर्या संयमित होती है। साथ ही व्यायाम एकाग्रता को भी बढ़ाता है। यह जीवन में अनुशासन लेकर आता है। इसलिए बच्चों में व्यायाम की आदत अवश्य डालें।
-अजय सिंह, सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर