
एड़ी के दर्द के प्रति यदि सावधानी नहीं बरती जाए तो चलने में दिक्कतें आ सकती है। साथ ही रूटीन की कई गतिविधियों में कठिनाई पैदा कर सकता है। ऐसे में यदि सुबह के समय जमीन पर पैर रखते ही आपको एड़ी के दर्द शिकायत रहती है, तो संभलना बहुत जरूरी है। इस दर्द को हलके में न लें, चिकित्सक को जरूर दिखाएं।
इसलिए होता है एड़ी का दर्द
एड़ी में दर्द की कई वजह हो सकती है। यह दर्द एड़ी के नीचे, पीछे और अंदर भी हो सकता है। कई मामलों में प्लांटर फैशीआइटिस, हड्डी के स्पर्स, सेवर्स रोग, बर्साइटिस, स्ट्रेस फ्रैक्चर और टेंडन में सूजन हो सकती है। हालांकि इसके लिए चिकित्सक से सलाह जरूर लें और समय पर इलाज करवाएं। एड़ी में सबसे अधिक दर्द मध्यम आयु वर्ग के पुरुष और महिलाओं को होता है। ये शारीरिक रूप से अतिसक्रिय होते हैं। लंबे समय तक खड़े रहने वाले लोगों और 8-13 वर्ष के बीच के बच्चों में भी यह समस्या देखने को मिलती है। कई बार खराब फीटिंग वाले जूतों से भी यह समस्या बढ़ जाती है।
सुधारे चलने-फिरने का तरीका
कई बार चलने—फिरने के तरीके के कारण भी एड़ी का दर्द हो जाता है। असामान्य रूप से चलने, मोटापा, खराब फिटिंग वाले जूते, कठोर सतहों पर खड़े होना, दौड़ना या कूदना और एड़ी पर चोट भी इसके कारण हो सकते हैं।
शूज का टाइप भी चेक करें
डॉक्टर्स अक्सर मानते हैं कि शूज का टाइप एड़ी में दर्द का मुख्य कारण हो सकता है। खासकर हील वाली सैंडल कई बार परेशानी खड़ी कर देती है। इसके लिए घुटने से लेकर एड़ी तक की जांच करवानी चाहिए।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।