स्वास्थ्य

कैंसर रोगियों की जिंदगी बचा रहीं ये तकनीक

कैंसर मरीजों की जिंदगी में आधुनिक उपचार की तकनीक नई उम्मीद बनकर आ रही हैं जो बीमारी का दर्द, समय, शरीर के अन्य अंगों को क्षति से बचा रही है।

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Feb 15, 2019
cancer therapy
कैंसर रोगियों की जिंदगी बचा रहीं ये तकनीक

कैंसर मरीजों को रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने के लिए इम्यूनोथैरेपी देते हैं। यह सभी प्रकार के कैंसर में कारगर है। जब शरीर में कैंसर के सेल्स डेवलप हो रहे होते हैं तो इम्यून सिस्टम उसे रोकता है।
टारगेटेड थैरेपी से कोशिकाएं बचाते
टारगेटेड थैरेपी कैंसर के इलाज की नई विधि है। इसमें कई थैरेपी शामिल हैं। यह इस तरह डिजाइन की गई है कि इससे कैंसर सेल्स का अलग से पता लगाकर सिर्फ उन्हें ही नष्ट करते हैं और आसपास स्वस्थ कोशिकाओं को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता है।
ऑर्गन फंक्शन प्रिजर्वेशन
शरीर के जिस अंग में कैंसर हुआ है उसमें कैंसर सेल्स को ऑर्गन फंक्शन प्रिजर्वेशन तकनीक से कैंसर खत्म कर देते हैं। यह तकनीक हड्डी, कंठ, स्तन और ब्लैडर के साथ दिमाग के कैंसर में प्रयोग की जाती है। इसके बाद व्यक्ति सामान्य जीवन जीता है।
प्रोटॉन थेरेपी कैंसर सेल्स की दुश्मन
इस तकनीक से हाई एनर्जी मेगा वोल्टेज रेज (किरणें) उस अंग में दी जाती है जहां ट्यूमर है। फेफड़े, दिमाग, पिट्यूटरी ग्लैंड के ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर को खत्म करते हैं। आर्टरी, वेन्स ट्यूमर में कारगर है। कुछ सिटिंग में ही ट्यूमर पूरी तरह खत्म हो जाता है।
रोबोटिक सर्जरी
किडनी ट्यूमर के उपचार में अक्सर किडनी निकालनी पड़ती थी। अब रोबोटिक सर्जरी से केवल ट्यूमर निकालते हैं। इससे जटिलताएं होने का खतरा कम
होता है। खून और एनेस्थीसिया देने की भी जरूरत कम पड़ती है। आहार नाल के कैंसर में भी कारगर है।
टारगेटेड इंट्रा ऑपरेटिव रेडियोथैरेपी
इलाज के लिए छह हफ्ते की रेडियोथैरेपी को आधा घंटे की 'सिंगल डोज' में देते हैं। इस तकनीक में रेडियोथैरेपी उपकरण को स्तन में डालने की बजाय केवल कैंसर प्रभावित स्थान पर ही डालते हैं। इससे दिल, फेफड़ों के प्रभावित होने का खतरा नहीं रहता है।
-डॉ. राजीव सरीन, सीनियर जेनिटिक्स कैंसर एक्सपर्ट, मुम्बई

Published on:
15 Feb 2019 03:27 pm