सूजन एक आम समस्या है जो कई कारणों से हो सकती है। यह चोट, संक्रमण, या किसी बीमारी के कारण हो सकती है। सूजन से शरीर में दर्द, लालिमा, और सूजन हो सकती है। कुछ मामलों में, सूजन गंभीर हो सकती है और अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। सूजन को कम करने के लिए कई तरह के उपचार उपलब्ध हैं। कुछ लोग दवाओं का उपयोग करते हैं, जबकि अन्य प्राकृतिक उपचारों का उपयोग करते हैं। कुछ विटामिन और सप्लीमेंट्स भी सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।
सूजन कम करने में विटामिन्स और सप्लीमेंट में से क्या लेना चाहिए और कौन ज्यादा असरदार होगा यह जानना जरूरी है। विटामिन और सप्लीमेंट अगर सही अनुपात में लिए जाएं तो वह फायदा करते हैं। तो चलिए जानें सूजन खत्म करने के लिए विटामिन्स या सप्लीमेंट में से किन चीजों को लें और कैसे।
सूजन कम करने में मददगार सप्लीमेंट्स और विटामिन
विटामिन ए
विटामिन-ए रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है। ये शरीर की सूजन को दूर करने में भी सहायक है। इसके लिए आप विटामिन ए युक्त दूध, दही, गाजर, पत्तेदार सब्जियां आदि खूब खाएं।
ब्रोमलेन
ब्रोमलेन दंत, नाक और पैर की सर्जरी के बाद सूजन को कम करने में काफी मददगार होता है। ब्रोमलेन कैप्सूल या टैबलेट के रूप में लिया जा सकता है। क्योंकि जूस पीने से पर्याप्त मात्रा में शरीर की जरूरत पूरी नहीं होती।
विटामिन ई
एंटीऑक्सिडेंट से भरी विटामिन ई प्रतिरक्षा प्रणाली बढ़ाने के साथ ही शरीर से सूजन को कम करने का काम करती है। जैतून के तेल, बादाम, मूंगफली,डेयरी उत्पाद, पत्तेदार साग, और अनाज आदि में भरपूर मात्रा में विटामिन ई होता है।
लहसुन
लहसुन भी सूजन रोधक होता है। मांसपेशियों और ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है। सूजन और दर्द को दूर करने के लिए भी रोज कच्चा लहसुन खाने की आदत डाल लें।
ओमेगा -3 फैटी एसिड
ओमेगा-3 फैटी एसिड दर्द और सूजन दोनों पर ही काम करता है। ये ऐसा पोषक तत्व होते हैं जो हमारे शरीर नहीं बनाते हैं। इसे आप केल, अलसी के तेल, नट्स, और फ्लैक्स सीड्स आदि से पा सकते हैं। चाहें तो आप इसका सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।