
नई दिल्ली। इंसान से लेकर जानवरों तक में माहवारी आना एक नेचुरल प्रक्रिया है, जिससे महिलाओं को हर महीने इस दर्द भरी मुश्किसो से गुजरना पड़ता है। लेकिन ससे भी बड़कर दूसरा दर्द होता है। हमारे समाज के द्वारा बने गए वो नियम जो पीरियड्स के दौरान हमें मानने पड़ते है। जिसे आज से नही बल्कि कई जन्मों से लोग इसका पालन करते रहे है। लेकिन पुरानें समय में बने इन नियमों के पीछे भी एक अलग बात छुपी हुई है।, जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।
पूजा ना करना
महावारी होने के दौरान महिलाओं को पूजा स्थल पर जाने की मनाही होती है। कहा जाता है कि कि इस दौरान मंदिर में जाने या पूजा करने से उनका प्रकोप बरसता है इसलिए पीरियड्स में महिलाओं को पूजा करने की मनाही होती है।
खाना बनाना
पीरियड्स में लड़कियों को किचन जाने की मनाही होती है। पुराने लोगों की धारणा है कि ऐसे समय में खाना बनाने से वह दूषित हो जाता है और जहर फैल सकता है। लेकिन इसके पीछे का तथ्य यह है कि पहले के जमाने प्रोटेक्शन सही तरीके ना होने की वजह से महिलाओं को शारीरिक तकलीफ काफी होती है। इससे उनको कुछ दिन का अराम मिल जाता था।
जमीन पर सोना
पहले के समय में महावारी के दौरान महिलाओं को जमीन पर सोने को कहा जाता था। इसके पीछे का कारण यह है कि यह प्रथा शायद इसलिए बनाई गई थी ताकि कपड़ों पर दाग धब्बे लगने के खतरे से बचा जा सके।
अचार को छूना गलत
माना जाता है कि पीरियड्स में आचार को छूने से वो खराब हो जाता है क्योंकि उसमें कीटाणु फैल जाते हैं। मगर, इसके पीछे का कारण यह है कि पीरियड्स के दौरान हार्मोन ज्यादा सक्रिय होते हैं। जिसके चलते मसालेदार चीजे खराब हो जाती है। खाने से उनके संतुलन में गड़बड़ हो सकती है
बाल धोना
पीरियड्स में बाल धोने के लिए मना किया जाता है। इसके पीछ का तर्क यह है कि इस दौरान अंडे टूटते हैं और उसमें एकत्रित खून शरीर से बाहर निकल जाता है। ऐसे में अगर बाल धोने से बॉडी टेम्प्रेचर ठंडा हो जाएगा और ब्लीडिंग सही नहीं होगी। हालांकि पीरियड्स के 3 दिनों बाद आप बाल भी धो सकती हैं।
पार्टनर के साथ संबंध बनाना
कुछ लोगों का मानना है कि अगर आप इस दौरान पति को छुने, गले या हाथ लगाने से वो दूषित हो जाएगा जबकि यह सच नहीं है। वैज्ञानिकों की मानें तो इस दौरान रिलेशन बनाने से एंडोर्फिन और स्ट्रेस बस्टिंग केमिकल्स बनते हैं, जिससे क्रैम्प्स से राहत मिलती है।