स्वास्थ्य

मौसम में बदलाव से बढ़ीं वायरल बीमारियां, स्वाइन फ्लू का भी खतरा

अहमदाबाद में पिछले कुछ दिनों में मौसम में लगातार बदलाव आया है। पांच दिनों में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस मौसम परिवर्तन की वजह से शहर में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। डॉक्टरों और अस्पतालों के अनुसार, इन दिनों H1N1 (स्वाइन फ्लू), कोविड, इन्फ्लूएंजा ए और बी, और एडेनोवायरस जैसे वायरल संक्रमण के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं।
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Updated: 28 Feb 2024, 3:50 PM IST
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Throat Ache and Runny Nose? Don't Ignore It H1N1 Cases Spike

अहमदाबाद में पिछले कुछ दिनों में मौसम में लगातार बदलाव आया है। पांच दिनों में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस मौसम परिवर्तन की वजह से शहर में वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। डॉक्टरों और अस्पतालों के अनुसार, इन दिनों H1N1 (स्वाइन फ्लू), कोविड, इन्फ्लूएंजा ए और बी, और एडेनोवायरस जैसे वायरल संक्रमण के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं।

डॉक्टर प्रवीण गर्ग का कहना है कि फरवरी के अंत में इतने लंबे समय तक वायरल संक्रमण का प्रकोप रहना असामान्य है। उन्होंने बताया कि "बदलते मौसम के साथ-साथ जनवरी और फरवरी में शादियों और अन्य कार्यक्रमों के कारण लोगों का आना-जाना ज्यादा हुआ, जिससे कई लोग वायरल संक्रमण की चपेट में आ गए। इस बार मरीजों में गले में खराश मुख्य लक्षण के रूप में सामने आ रहा है। कुछ मामलों में, उन्हें दर्द निवारक दवाएं भी देनी पड़ीं।"

डॉक्टरों का कहना है कि H1N1 और अन्य वायरल संक्रमणों के लिए टेस्ट की कीमत 5,000 रुपये है, जबकि टैमीफ्लू दवा का इलाज अपेक्षाकृत सस्ता है और सही समय पर लेने पर अच्छे परिणाम देता है। उन्होंने यह भी बताया कि दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह और देखरेख में ही करना चाहिए।

क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. अमित प्राजापति ने बताया कि हाल ही में इन्फ्लूएंजा A के संक्रमण से ग्रस्त दो मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा, "दोनों ही मामलों में, फेफड़ों में निमोनिया के छोटे पैच विकसित हो गए थे, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।"

क्रिटिकल केयर फिजिशियन डॉ निरव विसावाडिया ने कहा कि "पिछले एक महीने से अधिक समय से मरीजों में ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण देखा जा रहा है। बदलते मौसम के कारण स्वाइन फ्लू के मामले भी बढ़ रहे हैं। खांसी एक प्रमुख समस्या है। हाल ही के एक मामले में, हमें लगातार 25 दिनों तक खांसी की समस्या के कारण एक महिला को भर्ती करना पड़ा। कुछ मामलों में, सांस लेने में भी तकलीफ होती है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, अस्थमा और बुजुर्ग लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।"

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में इसके लक्षणों में लाल आंखें, बहती नाक, खांसी, शरीर में दर्द और गले में खराश शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे परिवार के संक्रमित होने का खतरा भी रहता है। वातानुकूलन के साथ बंद जगहों में काम करने वाले लोगों को भी आसानी से संक्रमण हो सकता है।

मार्च के पहले सप्ताह के बाद शहर और राज्य में तापमान बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बाद वायरल संक्रमण कम हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
28 Feb 2024, 3:50 PM IST
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