स्वास्थ्य

इस तरह बचें कैमिकल और मिलावटी फूड से

भोजन का मकसद केवल पेट भरना नहीं होता है, भारतीय संस्कृति में आहार को संस्कार के रूप में देखा गया है।

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Mar 06, 2020
इस तरह बचें कैमिकल और मिलावटी फूड से
इस तरह बचें कैमिकल और मिलावटी फूड से

भोजन का मकसद केवल पेट भरना नहीं होता है, भारतीय संस्कृति में आहार को संस्कार के रूप में देखा गया है। यह पोषण भी देता है। इसमें हमारी सेहत के लिए जरूरी तत्व होते हैं। पिछले कुछ दशकों में खानपान की चीजों में मिलावट और अनाज व अन्य चीजों के उत्पादन में कीटनाशक-रसायनों के इस्तेमाल से इनकी अंशों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। इससे कई तरह की गंभीर बीमारियां भी होती हैं। जानते हैं हमारी थाली में किस तरह की मिलावट और नुकसान पहुंचाने वाले तत्व पहुंच रहे हैं।
कैमिकल से बचने के हैं ये तरीके
कृत्रिम रूप से पके फल कम चमकीले होते हैं और 2-3 दिन में पीले से काले हो जाते हैं।
कार्बाइड से पकाए फल का स्वाद बीच में मीठा और किनारे पर खट्टा (कच्चा) होता है।
प्राकृतिक रूप से पके फलों का डंठल काला हो जाता है।
फल व सब्जियों को खाने से पहले थोड़ी देर के लिए गुनगुने पानी में भिगो दें। फिर ठंडे पानी से धोकर उपयोग में लें।
कीटनाशक का प्रभाव कम करने के लिए सब्जियों और फलों को छीलकर उपयोग करना चाहिए।
हमेशा विश्वसनीय दुकानदार से सब्जियां, फल या अनाज खरीदें। इससे कैमिकल या मिलावट की आशंका कम होगी।
बंदगोभी या पत्तागोभी की एक परत धोने से पहले हटा दें।
ऐसे करें मिलावट की पहचान
लाल मिर्च पाउडर में ईंट पाउडर और कलर मिलाते हैं। इसको पानी में डालें। मिर्च है तो ऊपर आ जाएगी।
हल्दी में कुछ बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और उतनी बूंदें पानी डालकर देखें। अगर हल्दी का रंग गुलाबी या बैंगनी हो जाए, तो मिलावट है।
दालचीनी में अमरूद की छाल की मिलावट होती है। इसे हाथ पर रगड़ें। यदि इसका रंग नजर आए तो असली है।
दूध की कुछ बूंदों को किसी बर्तन पर गिराएं। अगर बूंदें बगैर निशान छोड़े बह जाएं तो पानी मिला हुआ है। शुद्ध दूध धीरे बहेगा, सफेद दाग छोड़ेगा।
हरे मटर के दानों में कलर के लिए मेलाकाइट ग्रीन मिलाते हैं। इन्हें थोड़ी देर पानी में डाल दें। रंग मिला है तो कलर छोड़ेगा।

Published on:
06 Mar 2020 03:34 pm