स्वास्थ्य

आपके पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्न होना? यह इस गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है

Pre diabetic symptoms feet : यदि आप नियमित रूप से अपने पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्न होना और दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो आप प्री-डायबिटीज हो सकते हैं - यह एक संकेत है कि आपके शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ रहा है, ऐसा हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ सुधीर कुमार का कहना है।
2 min read
• •
Updated: 6 Apr 2024, 3:57 PM IST
tingling-in-your-feet.jpg
Tingling burning numbness in your feet It can be a sign of prediabetes

Pre diabetic symptoms feet : यदि आप नियमित रूप से अपने पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्न होना और दर्द का अनुभव कर रहे हैं, तो आप प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) हो सकते हैं - यह इस बात का संकेत है कि आपके शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ रहा है, ऐसा हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार का कहना है। प्री-डायबिटीज (Pre diabetic)को सामान्य से उच्च रक्त शर्करा के स्तर और टाइप 2 मधुमेह विकसित होने के उच्च जोखिम के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ सुधीर ने बताया, मधुमेह, जिसे दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाने के लिए जाना जाता है, को गंभीरता से लिया जाता है, हालांकि, प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) को वह गंभीरता नहीं दी जाती है ।

आंकड़े बताते हैं कि भारत में लगभग 13.6 करोड़ लोग, या देश की आबादी का 15.3 प्रतिशत प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) हैं - यह एक ऐसा चरण है जो मधुमेह को रोकने के लिए एक चेतावनी के रूप में कार्य कर सकता है।

डॉ. सुधीर ने कहा, "प्री-डायबिटीज (Pre diabetic) वाले लोगों को भी स्ट्रोक, दिल का दौरा, परिधीय न्यूरोपैथी (तंत्रिका क्षति) और रेटिनोपैथी (जिससे दृष्टि हानि हो सकती है) का अधिक खतरा होता है।

एचबीए1सी रक्त परीक्षण से मधुमेह के स्तर का पता लगाया जा सकता है

एचबीए1सी (HbA1c) नामक एक साधारण रक्त परीक्षण का उपयोग करके कोई आसानी से अपने मधुमेह के स्तर का पता लगा सकता है। हीमोग्लोबिन A1c (ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन, ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन, HbA1c, या A1c) परीक्षण का उपयोग किसी व्यक्ति के ग्लूकोज नियंत्रण के स्तर का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है।

यह पिछले 90 दिनों में रक्त शर्करा के स्तर का औसत दर्शाता है और एक प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। कई लोगों के लिए, मधुमेह की निगरानी परीक्षण HbA1C 6 प्रतिशत दिखा सकता है और इसे आमतौर पर सामान्य माना जाता है।

डॉ सुधीर ने कहा, हालांकि, ऐसा नहीं है, डॉक्टर ने कहा। "ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन (HbA1C) 6 प्रतिशत सामान्य नहीं है।

5.7 से अधिक का HbA1C प्रीडायबिटीज कहलाता है

5.7 से अधिक का HbA1C प्रीडायबिटीज कहलाता है। 10 प्रतिशत से अधिक प्रीडायबिटीज रोगियों में पैरों में झुनझुनाहट, जलन, सुन्न होना और दर्द हो सकता है, जिसे प्रीडायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है।

उन्होंने समझाया, HbA1c परीक्षण को सामान्य वर्गीकृत करने के लिए, या गैर-मधुमेह रेंज में, मान 5.7 प्रतिशत से नीचे होना चाहिए। 5.7 प्रतिशत से 6.4 प्रतिशत के HbA1c मान वाले किसी को भी प्रीडायबिटिक माना जाता है, जबकि मधुमेह का निदान 6.5 प्रतिशत या उससे अधिक के HbA1c के साथ किया जा सकता है।

हालांकि, डॉक्टर ने चेतावनी दी कि 5.7 प्रतिशत से नीचे HbA1C का लक्ष्य केवल स्वस्थ लोगों, या मधुमेह/प्रीडायबिटीज वाले लोगों के लिए अनुशंसित है जो दवाओं पर नहीं हैं।

उन्होंने यह भी सलाह दी कि चावल, रोटी, इडली, डोसा, आलू और फलों का सेवन कम से कम करें, और वातस्नेह (एरोबिक व्यायाम) और शक्ति प्रशिक्षण के संयोजन का सुझाव दिया।

आईएएनएस

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
6 Apr 2024, 3:57 PM IST
Published on:
Also Read
View All
Healthy Sargi Recipes for Karwa Chauth: दिनभर एनर्जेटिक रहने के लिए सरगी में क्या खाएं, हेल्थलाइन और वैरीवेल हेल्थ से जानें पनीर और फ्रूट्स के फायदे

World Stroke Day 2026: अचानक बोलने में लड़खड़ाहट या शरीर के एक तरफ कमजोरी, मेयो क्लिनिक से जानें स्ट्रोक में हर मिनट क्यों है जरूरी?

Karwa Chauth Fast During Periods: पीरियड्स के दौरान करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए या नहीं, जानें क्या कहती है Doctors की सलाह

Safe Diet After Nirjala Vrat: व्रत खोलने का सही तरीका क्या है? डॉक्टर से जानें किन बातों का ध्यान रखना जरूरी

Karwa Chauth 2026: सरगी से लेकर बच्चे की देखभाल तक, ऑस्ट्रेलियन ब्रेस्टफीडिंग एसोसिएशन से जानें छोटे बच्चों वाली महिलाएं कैसे रखें व्रत