
डेंगू मलेरिया के मच्छरों का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। यह एक ऐसा बुखार होता है जिसमें आपके शरीर की स्थिति अंदर से कमजोर हो जाती है। साथ ही इस बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। इसका मतलब यह होता है कि आपको इस बुखार में पूरे शरीर में बहुत ही ज्यादा दर्द महसूस होता है । खासकर हड्डियों और जोड़ों पर। इतनी भयानक बीमारी की चपेट में कोई नहीं आना चाहता परंतु अक्सर यह बीमारी पूरे शहर पर हावी हो जाती है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि डेंगू और मलेरिया के मच्छर कैसे कुछ चुनिंदा कलर के कपड़ों को नहीं देख पाते हैं । यह मच्छर कुछ खास रंगों के कपड़ों को पहचानने में असमर्थ होते हैं । इसलिए यदि आप इन रंगों से बने कपड़ों को पहनते हैं तो आपको इन मच्छरों के काटने का खतरा कम हो जाता है। आइए इस आर्टिकल में नीचे जाने ऐसे कौन कौन से रंग के कपड़े हैं जो डेंगू मलेरिया के मच्छरों को नहीं दिखाई देते।
डेंगू और मलेरिया के मच्छरों को लाल रंग सबसे ज्यादा आकर्षित करता है । इसके साथ-साथ ऑरेंज भगवा रंग भी इन मच्छरों को अपनी ओर काफी आकर्षित करता है। इसका मतलब यह है कि जितने भी चटकीले और डार्क कलर हैं यह सारे मच्छरों को ज्यादा जल्दी दिखते हैं और यह इसके प्रति जल्दी प्रक्रिया देते हैं।
अध्ययन के प्रमुख लेखक, जेफरी रिफेल ने टिप्पणी की: "मच्छर गंध का उपयोग करने में मदद करते हैं ताकि उन्हें यह पता चल सके कि पास में क्या है, जैसे कि काटने वाला इंसान । संयुक्त राज्य अमेरिका में वाशिंगटन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने नए शोध किए हैं कि मच्छर कैसे तय करते हैं कि किसे काटना है। शोध से पता चलता है कि मच्छर हमारी सांसों से कार्बन डाइऑक्साइड की तलाश करते हैं। नए शोध से यह भी आश्चर्यजनक रूप से पता चला कि मच्छर लाल, नारंगी, काले और सियान सहित कुछ रंगों की ओर खून की तलाश में होते हैं।
वहीं अगर इसके विपरीत आप हरा, आसमानी ,गुलाबी ऐसे किसी रंग के कपड़े को पहनते हैं। तो मच्छर का आकर्षण आपकी और कम होता है । इस अध्ययन में पता चला है कि मच्छर गंध से भी लोगों को पहचानते हैं। मतलब आप की खुशबू से भी उपचार आप तक आ सकते हैं इन सारी चीजों को ध्यान में रखकर आप डेंगू और मलेरिया के मच्छर से खुद को बचा सकते हैं।