स्वास्थ्य

इन योगासनों से करें अपने दिन की शुरुआत

योग से मांसपेशियों का अच्छा व्यायाम होता है। लेकिन चिकित्सा शोधों ने ये साबित कर दिया है की योग शारीरिक और मानसिक रूप से वरदान है। योग से तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है, भूख अच्छी लगती है, इतना ही नहीं पाचन भी सही रहता है।

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Jul 04, 2020
इन योगासनों से करें अपने दिन की शुरुआत
इन योगासनों से करें अपने दिन की शुरुआत

अंग्रेजी में एक कहावत है, हेल्थ इज़ वेल्थ (health is wealth) यानी स्वास्थ्य ही धन है। अगर स्वास्थ्य अच्छा हो तो धन कभी भी कमाया जा सकता है। मगर आज के ज़माने में हम अपने स्वास्थ्य को दरकिनार कर सिर्फ पैसा कमाने की होड़ में लगे रहते हैं। स्वास्थ्य और मन अच्छा हो तो ज़िंदगी आसान हो जाती है। ज़िंदगी को बेहतर ढंग से जीने के लिए ज़रूरी है कि हम मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रहें।

इसके लिए सबसे ज़रूरी चीज़ है 'योग' (Yoga)। वो कहते हैं न 'योगा से ही होगा', यह बात शत- प्रतिशत सच है। योग के लाभ (yoga ke fayde) अनेक हैं। योग में हर बीमारी से बचने का इलाज छुपा है, फिर चाहे वह शारीरिक हो या मानसिक। इतना ही नहीं, बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग से अच्छा ऑप्शन और कुछ नहीं है। इस ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ पर जानिए, योग के फायदे, योग का महत्व, योग के मानसिक लाभ, योगासन के स्वास्थ्य लाभ और भी बहुत कुछ। यानी योग के बारे में वह सब कुछ, जो आपका जानना बेहद ज़रूरी है।

01. बालासन: घुटने के बल बैठ जाएं। अपने पंजों को जमीन से सटाकर हाथों को तब तक आगे बढ़ाएं जब तक कि आपका माथा धीरे से जमीन पर न आ जाए। लगभग 3 से 5 बार गहरी और लंबी सांस लीजिए। हथेली आकाश की ओर रखें। धीरे से छाती से जांघो पर दबाव दें। इस स्थिति को सुविधा रहने तक बनाये रखें। फिर धीरे से उठकर एड़ी पर बैठ जाएं और रीढ़ की हड्डी को धीरे धीरे सीधा करें। विश्राम करें। यह पीठ को विश्राम, कब्ज से राहत और तंत्रिका तंत्र को शांत करता है।

02. अर्थ पूर्वोत्तनासन: बालासन की मुद्रा में एक मेज की तरह घुटने के बल बैठ जाएं। आपके कंधे कलाई के ऊपर हों और आपके कूल्हे घुटनों पर टिके हुए हों। अपने हाथों और घुटनों के माध्यम से बराबर वजन बनाए रखें और अपने पैरों को आराम दें। अपने पेट की मांसपेशियों को एकत्र करें और अपनी रीढ़ को लंबा करें। अपना ध्यान दोनों हाथों के बीच में रखें। इस आसन के कई लाभ हैं। इससे कलाइयां भुजाएं कंधे पीठ और री? को मजबूती मिलती है। पैरों व कूल्हों का व्यायाम भी हो जाता है। स्वसन प्रक्रिया में सुधार करता है। हृदय के लिए भी यह आसन लाभ दायक है। यह आंतों और उदर के अंगों में खिंचाव पैदा करता है इससे वे मजबूत बनती हैं।

03. गोमुखासन: यह एक संस्कृत शब्द है जो दो शब्दों से मिलकर बना है। पहला शब्द गौ का अर्थ गाय है और दूसरा शब्द मुख का अर्थ मुंह है। इस आसन का मतलब गाय के मुंह के समान होता है। इसे अंग्रेजी में काऊ फेस पोज के नाम से जाना जाता है। गौ शब्द का अर्थ प्रकाश भी होता है। इस आसन में जांघें और दोनों हाथ एक छोर पर पतले और दूसरे छोर पर चौड़े होते हैं, जिसके कारण वो गाय के मुख के समान दिखाई देते हैं। यह हठ योग में की श्रेणी में सबसे प्रचलित आसन है।
इस आसन को करने में व्यक्ति की स्थिति गाय के समान दिखाई देती है। योग का यह आसन करने में बहुत ही सरल है। गोमुखासन महिलाओं के लिए भी बहुत लाभदायक होता है। वजन को कम करने के लिए और अपने शरीर को सुंदर बनाने के लिए यह आसन बहुत ही फायदेमंद होता है। गोमुखासन हमारे कंधों और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत करता है।

Published on:
04 Jul 2020 02:16 pm