
हल्दी हमारे किचन में आसानी से मिल जाती है, लेकिन जब भी आप किसी चिकित्सा के लिए हल्दी का प्रयोग करें तो याद रखें कि ये हल्दी कच्ची होनी चाहिए। पकी हल्दी भी फायदेमंद होती है, लेकिन हल्दी की कच्ची गरियां जो अदरक जैसी नजर आती हैं, वह ज्यादा फायदा देती हैं।
सब्जियों और दूध में हल्दी का पाउडर प्रयोग होता है, लेकिन अगर आप हल्दी का पानी पीना चाहते हैं तो आपको इसके लिए कच्ची हल्दी का प्रयोग करना चाहिए। कच्ची हल्दी एक नहीं, कई रोगों का इलाज है। यहां आपको कुछ खास रोगों के बारे में बता रहे हैं, जिससे अमूमन लोग ग्रस्त होते हैं।
इन रोगों में हल्दी का पानी है बहुत फायदेमंद
गठिया या जोड़ों में दर्द
गठिया या किसी भी तरह के जोड़ या अंदरूनी दर्द में हल्दी का पानी बहुत काम आता है। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, और ये ही दर्द से राहत दिलाने में कारगर होते हैं। एक गिलास हल्दी पानी पीने से धीरे-धीरे जोड़ों का दर्द कम होता जाएगा।
इम्युनिटी बढ़ाने वाला
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन इम्युनिटी बढ़ाने वाला होता है। इसलिए जिन्हें एलर्जी या बार बार किसी भी तरह का संक्रमण होता है, उन्हें हल्दी का पानी जरूर पीना चाहिए। कच्ची हल्दी का पानी फ्री-रेडिकल की क्षति को रोकने में मददगार होता है।
वजन कम करने में सहायक
वजन कम करने से लेकर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में भी हल्दी का पानी मददगार है। कच्ची हल्दी मेटाबॉलिक रेट को सही करती है और पांचन शक्ति को भी बढ़ाती है।
स्किन डिजीज में रामबाण
हल्दी में एंटीऑक्सिडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं और जब इस पानी को रोज पिया जाए तो ये ब्लड प्यूरिफाई करता है और इससे स्किन से जुड़ी बीमारियां भी दूर रहती हैं।
शरीर होता है डिटॉक्स
हल्दी का पानी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। शरीर में जमा गंदगी आसानी से हल्दी के पानी पीने की आदत से बाहर निकलने लगती है। इससे शरीर में स्फूर्ति और ताजगी भी रहती है।
हल्दी का पानी पीने का तरीका
हल्दी का पानी बनाने के लिए डेढ़ ग्लास पानी लें। इसमें उबाल आने लगे तो दो चुकी हल्दी पाउडर डालें या एक चम्मच ग्रेट किया हुई कच्ची हल्दी। 1मिनिट तक उबलने दें औश्र फिर इस पानी को छान कर पी लें। चाहें तो आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं।
(डिस्क्लेमर: आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सd सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)