स्वास्थ्य

उम्मीद- 2021 : – नए साल में कोरोना को हरा कर रहेंगे, वैक्सीन पर होगा भरोसा

कोरोना ने हमारे शरीर और दिमाग दोनों ही पर सीमाएं लगाई हैं। मास्क और सामाजिक दूरी जैसे जरूरी बंधनों को तो टीका आने और हमें लग जाने के बाद भी कायम रखना है। लेकिन दिमाग से इसके डर को बाहर करना है। यह काम 2021 में हो सकेगा।
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Dec 16, 2020
उम्मीद- 2021 : -  नए साल में कोरोना को हरा कर रहेंगे, वैक्सीन पर होगा भरोसा
उम्मीद- 2021 : - नए साल में कोरोना को हरा कर रहेंगे, वैक्सीन पर होगा भरोसा

देश और दुनिया में कोरोना 2020 में एक बड़ी महामारी के रूप में सामने आया । करोड़ों लोग इस वायरस की चपेट में आये, लाखों मौतें इस वायरस के कारण हो गईं, इस वायरस ने पूरी दुनियां को अस्त-व्यस्त कर दिया। अब साल 2021 से उम्मीद है कि हम इस वायरस से छुटकारा पाएंगे। यह वायरस भी म्यूटेट कर लोगों को परेशान करने की कोशिश करेगा, लेकिन अब दुनिया और हमारा देश इनसे निपटने के लिए बेहतर स्थिति में होगा। आने वाले साल में कोरोना वायरस और स्वस्थ सेवाओं के बारे में हमने देश की पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुजाता रह्वाव से बातचीत की, आइये जानते हैं इसके बारे में।

हम हिंदुस्तानी बहुत हौसले वाले होते हैं। पॉजिटिव एनर्जी और उम्मीद हमारी सबसे बड़ी ताकत रही है। साल की शुरुआत कोरोना टीके की सौगात से होनी चाहिए। इस पूरे वर्ष हमारी नजर टीके पर टिकी होगी। कोरोना की वैश्विक महामारी से निपटने के लिए इसके इलाज और प्रबंधन पर भी हम सब को मिलकर काम करना है। सरकार का बहुत सारा धन और समय इसमें लगेगा। इसलिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में किसी नई सरकारी योजना की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। सरकार को लोगों में यह भरोसा कायम करना होगा कि दोबारा ऐसी कोई महामारी या आपदा आई तो हम उससे निपटने के लिए तैयार होंगे। इसके लिए पब्लिक हेल्थ पर ध्यान देना होगा। यह काम सिर्फ कारपोरेट के भरोसे नहीं होगा। स्वास्थ्य जांच के लिए लेबोरेट्रीज की सुविधा बेहतर करनी होगी, शोध पर भी ध्यान देना होगा। पिछड़े राज्यों पर ज्यादा ध्यान देना होगा। अमीर-गरीब सभी में यह विश्वास जगना चाहिए। एक बार डर निकला तो स्थिरता आएगी, जिंदगी पहले जैसी फुल स्पीड पर दौड़ पाएगी।

दिमाग से डर को बाहर करना है -
कोरोना ने हमारे शरीर और दिमाग दोनों ही पर सीमाएं लगाई हैं। मास्क और सामाजिक दूरी जैसे जरूरी बंधनों को तो टीका आने और हमें लग जाने के बाद भी कायम रखना है। लेकिन दिमाग से इसके डर को बाहर करना है। यह काम 2021 में हो सकेगा।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
16 Dec 2020 09:00 pm