
नई दिल्ली। Unhealthy Food For Babies: माता-पिता के जीवन में एक नन्ही सी जान का आना उनके लिए एक बहुत सुखद अनुभव होता है। शिशु उनके जीवन का वह अनमोल हिस्सा बन जाता है जिसका ख्याल रखने में माता-पिता कोई कमी नहीं छोड़ते। लेकिन छोटे बच्चों का ध्यान रखना कोई आसान कार्य नहीं है। विशेषकर ऐसे शिशु जिन्होंने अभी बोलना भी नहीं सीखा है तो उनकी परेशानियां जानना थोड़ा मुश्किल होता है। हालांकि सभी माता-पिता को इस दौर से गुजरना ही पड़ता है।
दो-तीन साल तक तो शिशु के आहार का आहार एक बड़ा मुद्दा होता है। कहते हैं कि इस उम्र में बच्चे को जो खिलाया पिलाया जाता है वह आगे चलकर उसके स्वास्थ्य पर काफी असर डालता है। आइए जानते हैं कि बच्चे के खानपान में क्या सावधानी बरती जाए जिससे उसे कोई नुकसान ना हो।
1. 6 महीने से लेकर 1 साल तक के शिशु के आहार में मां के दूध के अलावा सूजी का हलवा, पतली खिचड़ी, दाल अथवा चावल का पानी, सेरेलैक, दलिया आदि शामिल कर सकते हैं। ध्यान रहे कि इस उम्र के शिशु को पर्याप्त मात्रा में पानी भी पिलाते रहें।
2. एक साल तक बच्चे को रिफाइंड चीनी बिल्कुल भी नहीं खिलानी चाहिए क्योंकि इससे बच्चे में कमजोरी आ सकती है। इसके अलावा बचपन से ही अधिक मीठा खाने की आदत के कारण आगे चलकर मोटापा और दांतों की समस्या पैदा हो सकती है।
3. अगर आपका बच्चा 6 महीने का ही है तो उसे नमक बिल्कुल नहीं दें। साथ ही स्तनपान कराने के कारण मां को भी थोड़े नमक का ही सेवन करना चाहिए जिससे कम मात्रा में ही सोडियम बच्चे तक पहुंचे।
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4. छह माह से एक वर्ष के शिशु के शरीर में पूरे दिन में केवल एक ग्राम नमक ही पहुंचना चाहिए। अन्यथा अधिक नमक के सेवन से बच्चे में हड्डियों की कमजोरी, पथरी या निर्जलीकरण जैसी बीमारियां जन्म ले सकती हैं।
5. एक वर्ष तक के बच्चों को शहद भी बिल्कुल नहीं देना चाहिए। शहद में पाए जाने वाले बैक्टीरिया बच्चों में पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
6. गाय का दूध वैसे तो काफी पोषक तत्वों से भरपूर होता है परंतु जन्म से लेकर एक साल तक के बच्चों के लिए यह बिल्कुल भी स्वास्थ्यवर्धक नहीं है। क्योंकि भारी मात्रा में प्रोटीन, सोडियम, पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर गाय के दूध को इस उम्र के बच्चे आसानी से पचा नहीं पाते हैं।