Urine tests are now mandatory for concert : मलेशिया के एक राज्य में कंसर्ट जाने वाले हर व्यक्ति को पहले पेशाब टेस्ट करवाने की आवश्यकता होगी, ऐसा प्रस्ताव पेश किया गया है। यह कदम हाल ही में हुई एक दुखद घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें चार लोगों की जान चली गई और कई बीमार हो गए।
Urine tests mandatory for concert : मलेशिया के एक राज्य में कॉन्सर्ट में जाने वाले हर व्यक्ति को पहले पेशाब टेस्ट करवाने की आवश्यकता होगी, ऐसा प्रस्ताव पेश किया गया है। यह कदम हाल ही में हुई एक दुखद घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें चार लोगों की जान चली गई और कई बीमार हो गए। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर जनता और आयोजकों में असहमति और बहस शुरू हो गई है।
नए साल की पूर्व संध्या पर सेलांगोर राज्य के सुबांग जया शहर में एक पिंकफिश कॉन्सर्ट के दौरान सात लोग बेहोश हो गए थे, जिनमें से चार की मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि सभी पीड़ितों ने 'एक्स्टेसी' नामक ड्रग लिया था। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को इस नए 'मानक संचालन प्रक्रिया' (SOP) की सिफारिश करने के लिए प्रेरित किया।
एक्स्टेसी, जिसे MDMA या मॉली भी कहा जाता है, एक नशीला पदार्थ है जो उत्तेजक और मतिभ्रमकारी दोनों प्रभाव डालता है।
US ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के अनुसार, एक्स्टेसी लेने से हृदयगति और रक्तचाप बढ़ जाता है। इसके अन्य प्रभावों में शामिल हैं:
सेलांगोर पुलिस प्रमुख हुसैन ओमर खान ने कहा कि उन्हें संदेह है कि कॉन्सर्ट में ड्रग्स बेची गई थीं।
इस प्रस्ताव को लेकर लोगों में नाराजगी है।
हालांकि, मलेशियाई अधिकारियों का इरादा ड्रग्स पर कड़ी लगाम लगाने का है, लेकिन यह देखना होगा कि इस प्रस्ताव को कैसे लागू किया जाएगा और क्या यह वाकई प्रभावी साबित होगा। दूसरी ओर, यह बहस भी जरूरी है कि इस तरह के नियम व्यावहारिक हैं या नहीं।
भारत में कॉन्सर्ट या सार्वजनिक आयोजनों के दौरान पेशाब टेस्ट अनिवार्य नहीं हैं। हालांकि, ड्रग्स के सेवन को रोकने के लिए कानून मौजूद हैं। पुलिस विभिन्न आयोजनों में ड्रग्स की जांच के लिए सख्त कार्रवाई करती है और ड्रग्स के सेवन करने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान है। इस प्रकार, भारत में सार्वजनिक आयोजनों में ड्रग्स के नियंत्रण के लिए जांच होती है, लेकिन पेशाब टेस्ट जैसी अनिवार्यता नहीं है।