Uterine Fibroids : गर्भाशय के फाइब्रॉइड्स गर्भाशय में होने वाले गैर-कैंसरयुक्त गांठें हैं। ये अक्सर प्रजनन उम्र की महिलाओं में पाए जाते हैं।
Uterine Fibroids : गर्भाशय के फाइब्रॉइड्स गर्भाशय में होने वाले गैर-कैंसरयुक्त गांठें हैं। ये अक्सर प्रजनन उम्र की महिलाओं में पाए जाते हैं। हालांकि ये कैंसर नहीं होते हैं लेकिन ये कई समस्याओं जैसे दर्द, भारी रक्तस्राव और कभी-कभी बांझपन का कारण बन सकते हैं।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि युवा महिलाओं में गर्भाशय के फाइब्रॉइड्स की पुनरावृत्ति का खतरा बढ़ रहा है। मायोमेक्टोमी नामक सर्जरी से फाइब्रॉइड्स को हटाया जा सकता है, लेकिन फिर भी ये वापस आ सकते हैं।
फाइब्रॉइड्स के पुनरावृत्ति के कई कारण हैं, जिनमें से मुख्य हैं:
आनुवंशिकता: जिन परिवारों में फाइब्रॉइड्स का इतिहास रहा हो, उन महिलाओं में होने का खतरा अधिक होता है।
जीवनशैली: अस्वस्थ जीवनशैली, जैसे कि मोटापा, विटामिन डी की कमी आदि, फाइब्रॉइड्स के विकास को बढ़ावा दे सकते हैं।
फाइब्रॉइड्स के लक्षण उनके आकार, संख्या और स्थिति पर निर्भर करते हैं। कुछ महिलाओं में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, जबकि अन्य को निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
फाइब्रॉइड्स प्रजनन को भी प्रभावित कर सकते हैं। ये गर्भाशय में बाधा डालकर शुक्राणुओं के अंडे तक पहुंचने या निषेचित अंडे के गर्भाशय में लगने में बाधा डाल सकते हैं। इसके अलावा, ये गर्भपात, समय से पहले जन्म और बच्चे की असामान्य स्थिति का खतरा बढ़ा सकते हैं।
चूंकि कई बार फाइब्रॉइड्स बिना किसी लक्षण के होते हैं, इसलिए नियमित जांच बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आपको कोई समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
गर्भाशय के फाइब्रॉइड्स एक बढ़ती समस्या बन रहे हैं। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित जांच करवाने से इस समस्या को रोका जा सकता है।