
जन्म के बाद से ही बच्चों का टीकाकरण कराना बहुत जरूरी होता है। इससे न केवल शिशुओं की इम्युनिटी बढ़ती है बल्कि वे संक्रामक बीमारियों से लडऩे में सक्षम होते हैं। उनमें खसरा, टिटेनस, पोलियो, टीबी, गलघोंटू, काली खांसी और हेपेटाइटिस बी जैसे रोग प्रमुख हैं। इन बीमारियों से भी बचाव होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि नियमित टीकाकरण से शिशुओं में संक्रमण की आशंका 99 फीसदी तक घटती है। बीमारियों के चपेट में आने पर जल्द रिकवर होते हैं।
टीका छूट गया तो...
किसी कारण यदि शिशु का समय पर टीका नहीं लगा तो दोबारा से लगवा सकते हैं लेकिन शिशु रोग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। टीके लगने के बाद आधे घंटे तक शिशु को सोने न दें। इस अवधि में दूध भी नहीं पिलाना होता है और शिशु को गोद में रखें। अधिकांश टीके सरकारी हॉस्पिटल में नि:शुल्क ही लगाए जाते हैं। सरकारी टीके ज्यादा असरदार होते हैं.