
कोरोना वायरस का एक नया रूप देखने को मिल रहा है। कई मरीजों में अचानक से डेंगू की तरह प्लेटलेट्स तेजी से घट रहा है। ऐसी स्थिति में मरीज की डेंगू की भी जांच जरूरी है। लेकिन प्लेटलेट्स कुछ ही मरीजों में कम होते हैं।
कोरोना इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे मोनोसाइड और मैकरोफेज सेल को नुकसान होता है और शरीर में प्लेटलेट्स की खपत बढ़ जाती है जबकि उत्पादन पहले जैसे होता है। खपत बढऩे से शरीर में इसकी संख्या कम होने लगती है। इसमें प्लाजमा थैरेपी की जरूरत पड सकती है।
कोरोना मरीजों में थॉम्बोसिस की समस्या आ रही है। इसमें फेफड़ों में खून के थक्के जम जाते हैं। इसके लिए मरीज को खास टीपीए इंजेक्शन लगाया जा रहा है ताकि थक्का घुल जाए और नस न फटे। बोनमैरो पर भी इसका असर होता है।
एक्सपर्ट कमेंट
वायरस के असर से टीएलसी, प्लेटलेट्स व लिम्फोसाइट घटते हैं लेकिन ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। अभी तक कोविड के मरीजों में प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी है। लेकिन कोविड के मरीज बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा खासकर पेनकिलर बिल्कुल ही न लें। इससे बीमारी गंभीर हो सकती है।