स्वास्थ्य

नंगे पांव चलने के भी हैं कई फायदे, आजमा कर देखें

प्रकृति के संपर्क में पैदल चलने वालों में रक्तचाप और तनाव को नियंत्रित करने वाले हार्मोन ज्यादा संतुलित रहते हैं।

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Jun 19, 2020
नंगे पांव चलने के भी हैं कई फायदे, आजमा कर देखें

बड़े-बुजुर्ग अक्सर हरी घास पर नंगे पांव चलने की सलाह देते हैं। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है, मस्तिष्क सक्रिय होता है और मन को शांति मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा भी नंगे पांव चलने के कई लाभ हैं जिनके बारे में अधिकतर लोगों को मालूम ही नहीं है। हाल के अनुसंधान बताते हैं कि सुबह-सुबह जमीन पर नंगे पांव चलने से शरीर पर इसका सकारात्मक असर पड़ता है। हमारी बहुत सी शारीरिक क्रियाओं को यह सुचारु रूप से फंक्शन करने में मदद करता है। आइए जानते हैं इस खास चहलकदमी के बारे में।

क्या है सेहत का अर्थिंग फॉर्मूला
शोधकर्ताओं का कहना है कि नंगे पांव जमीन पर चलने का लाभ बहुत अलग तरह से शरीर को मिलता है। यह ठीक वैसे ही काम करता है जैसे टेलीविजन केबल कंपनियां इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को स्थिर रखने के लिए जमीन की 'अर्थिंग' का प्रयोग करती हैं। हमारे शरीर की प्रकृति 'बायो-इलेक्ट्रिकल' है। यानी हमारे शरीर की सभी कोशिकाएं व तंत्रिका तंत्र एक प्रकार से भीतरी विद्युत शक्ति या ऊर्जा के स्पंदन से संचालित होते हैं। धरती अपने आप में ऊर्जा का भंडार है। वैज्ञानिकों के मुताबिक धरती का ऊर्जा चक्र शरीर के विद्युत तंत्र पर भी अनुकूल-प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

पूरे शरीर पर पड़ता असर
सुबह-सुबह ठंडी पड़ी जमीन पर नंगे पांव चलने से पैरों को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है। इससे रक्तसंचार बेहतर होकर थकान कम होती है। साथ ही सभी मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं। पैर का निचला हिस्सा धरती के संपर्क में आने से धरती की ऊर्जा पूरे शरीर में संचारित होती है। इससे जोड़ों में दर्द, अनिद्रा व हृदय संबंधी समस्याओं पर अनुकूल असर पड़ता है व रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शोध के अनुसार बगीचे या पेड़-पौधों की देखभाल में आधा घंटा बिताने से तनाव व अवसाद भी दूर होते हैं।

"विटामिन नेचर" मिला है नाम
शोधकर्ताओं ने प्रकृति के जुड़ाव से प्राप्त होने वाली ऊर्जा को विटामिन नेचर या 'एन' नाम दिया है। लंदन की वेस्टर्न यूनिवर्सिटी में हैल्थ लेक्चरर गिलियन मेंडिच के अनुसार शहरों की तुलना में प्रकृति के संपर्क में पैदल चलने वालों में रक्तचाप और तनाव को नियंत्रित करने वाले हार्मोन ज्यादा संतुलित रहते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक मिट्टी में पाए जाने वाले कई लाभदायी बैक्टीरिया तनाव व अवसाद कम करते हैं व प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।

Updated on:
19 Jun 2020 01:18 pm
Published on:
19 Jun 2020 01:15 pm
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