Everything About Blood Sugar Levels: जब एक डायबिटीज का रोगी पर्याप्त भोजन नहीं करता है, तो ब्लड शुगर लेवल लो हो जाता है। निम्न रक्त शर्करा के कुछ लक्षणों में कमजोरी आना, घबराहट, पसीना आना, धड़कनों का तेज होना, धुंधुली दृष्टि, पीली त्वचा, सिरदर्द, भूख, चिड़चिड़ापन, चक्कर आना, सोने में परेशानी, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आदि शामिल हो सकते हैं।

नई दिल्ली। Everything About Blood Sugar Levels: हाई-ब्लड शुगर लेवल तथा लो-ब्लड शुगर लेवल के लक्षणों को पहचानकर डायबिटीज के मरीज किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से बच सकते हैं। एक व्यक्ति अगर समय रहते इन लक्षणों को समझ लेता है, तो वह उतनी ही जल्दी परीक्षण करके गंभीर परिस्थितियों से बच सकता है। डायबिटीज को प्रबंधित करने का एक अच्छा तरीका स्पष्ट लक्ष्य सीमा रखना है। ब्लड शुगर लेवल की निगरानी रखने से मधुमेह की दीर्घकालिक जटिलताओं को समाप्त करने में मदद मिल सकती है। तो आइए जानते हैं निम्न और उच्च रक्त शर्करा स्तरों तथा उनके लक्षण और उपचार के बारे में...
सामान्य ब्लड शुगर लेवल:
मधुमेह रोगियों के लिए भोजन के पहले सामान्य रक्त शर्करा का स्तर 80-130 mg/dl होना चाहिए तथा भोजन के एक-दो घंटे बाद रक्त शर्करा स्तर 180 मिलीग्राम प्रति डीएल से कम होना चाहिए। यदि 2 घंटे पश्चात रक्त शर्करा का स्तर 180 मिलीग्राम/डीएल से ज्यादा होता है, तो उसे हाई-ब्लड शुगर लेवल कहते हैं। वहीं अगर रक्त शर्करा का स्तर 70 mg/dL से कम है, तो उसे लो-ब्लड शुगर लेवल कहते हैं।
निम्न रक्त शर्करा के लक्षण:
सामान्य तौर पर जब आपके शरीर में ब्लड शुगर लेवल 70 मिलीग्राम प्रति डीएल से नीचे चले जाता है, तो उस स्थिति को हाइपोग्लाइसीमिया के रूप में जाना जाता है। जब एक डायबिटीज का रोगी पर्याप्त भोजन नहीं करता है, तो ब्लड शुगर लेवल लो हो जाता है। निम्न रक्त शर्करा के कुछ लक्षणों में कमजोरी आना, घबराहट, पसीना आना, धड़कनों का तेज होना, धुंधुली दृष्टि, पीली त्वचा, सिरदर्द, भूख, चिड़चिड़ापन, चक्कर आना, सोने में परेशानी, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आदि शामिल हो सकते हैं। लो ब्लड शुगर लेवल एक इमरजेंसी कंडीशन है। कई बार लोग निम्न रक्त शर्करा से भी पीड़ित हो सकते हैं, भले ही ब्लड शुगर लेवल हाई हो।
जैसे, अगर किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर लेवल एक सप्ताह के लिए 300 mg/dl था और अचानक 100 mg/dl तक कम हो जाता है, तो यह निम्न रक्त शर्करा का लक्षण भी हो सकता है।
लो-ब्लड शुगर के उपचार:
फास्ट-एक्टिंग कार्बोहाइड्रेट जैसे जूस, ग्लूकोज की गोलियां और नियमित सोडा लो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के प्रभावी तरीके हैं। यदि कोई व्यक्ति भोजन या पेय पदार्थों का सेवन नहीं कर सकता है, तो उसे शुगर पेस्ट बनाकर दें।
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उच्च रक्त शर्करा के लक्षण:
जब हमारे शरीर में रक्त शर्करा या ग्लूकोस की मात्रा अधिक हो जाती है, तो उसे स्थिति को हाइपरग्लेसेमिया कहते हैं। इसका कारण अत्यधिक तनाव या कार्ब्स का अधिक सेवन हो सकता है। डायबिटिक पेशेंट के लिए ब्लड शुगर लेवल की निगरानी करना और संकेतों को पहचानना बहुत आवश्यक है, ताकि वक्त रहते कार्रवाई की जा सके। शरीर में ब्लड शुगर लेवल की हाई होने के लक्षणों में अत्यधिक प्यास अथवा भूख लगना, सिर दर्द, बार-बार मूत्र आना, दृष्टि धुंधली होना तथा मतली आना शामिल हो सकते हैं।
हाई-ब्लड शुगर के उपचार:
इसके अलावा यदि आपके शरीर में रक्त शर्करा स्तर लगातार बढ़ रहा है, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। जिससे वह आपकी भोजन योजना को संशोधित करके, चिकित्सा व्यवस्था और शारीरिक गतिविधि दिनचर्या को समायोजित करके आपकी मदद कर सकें।