Health Tips: अस्थमा फेफड़े से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिससे साँसें लेने में तकलीफ होती है। अस्थमा के लक्षणों की तीव्रता हर किसी में अलग-अलग होती है। ये आते-जाते रहते हैं, मगर कुछ लोगों में ये लगातार बने रहते हैं। अस्थमा की वजह से उसे कई समस्याएं जैसे सांस लेने, जोर-जोर से सांस लेना, खांसी होना, सांस का फूलना इत्यादि होती हैं।

नई दिल्ली। Health Tips: अस्थमा फेफड़े से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिससे साँसें लेने में तकलीफ होती है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सांस की नली में सूजन आ जाती है और इसी कारण लोगों को सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। इससे किसी भी उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं और समान्यतः ये बचपन में ही शुरू हो जाता है। अस्थमा की वजह से उसे कई समस्याएं जैसे सांस लेने, जोर-जोर से सांस लेना, खांसी होना, सांस का फूलना इत्यादि होती हैं। अलग-अलग लोगों पर अस्थमा का असर अलग-अलग होता है, कुछ लोगों के लिए यह एक समस्या होती है,तो वहीं कुछ लोगों को इसकी वजह से काफी परेशानी झेलनी पड़ती हैं। अस्थमा के लक्षण कभी-कभी कुछ समय के लिए बहुत ही बुरे हालात पैदा कर देते हैं। इसे दमा के दौरा पड़ना कहा जाता है।
अस्थमा का लक्षण :
अस्थमा के लक्षणों की तीव्रता हर किसी में अलग-अलग होती है। ये आते-जाते रहते हैं, मगर कुछ लोगों में ये लगातार बने रहते हैं।
अस्थमा से पीड़ित हर कोई इन विशेष लक्षणों का अनुभव नहीं करता है। आपको कौन से लक्षण होंगे वह इस पर निर्भर करेगा कि आपको किस प्रकार का अस्थमा है। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस होते हैं तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अस्थमा का कारण :
अस्थमा की परेशानी रात में या सुबह के समय और भी गंभीर हो जाती है, यानी सांस फूलना, बार-बार खांसी आना और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा ठंडी हवा में सांस लेने पर भी स्थिति गंभीर हो जाती है। अगर आप ऐसा कुछ महसूस करते हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।