स्वास्थ्य

Heart Attack Symptoms: सीने में भारीपन को गैस समझा? यही चूक बन सकती है हार्ट अटैक की वजह

Heart Attack Symptoms: सीने में दर्द होने पर घबराना स्वाभाविक है, लेकिन बिना जानकारी के जांच या लापरवाही जानलेवा हो सकती है। जनरल फिजिशियन डॉ प्रियांका सेहरावत बता रही इन जरूरी बातों के बारे में

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Feb 07, 2026
Heart Attack Symptoms (source: gemini)

Heart Attack Symptoms: सीने में दर्द ऐसा लक्षण है, जिसे महसूस करते ही ज्यादातर लोग डर जाते हैं। कई बार यह डर सही भी होता है, क्योंकि यह दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। लेकिन इसी डर में लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो हालात को और बिगाड़ सकती हैं। कोई इसे गैस समझकर नजरअंदाज करता है, तो कोई बिना डॉक्टर से सलाह लिए दवाइयां खा लेता है। आखिर क्या करना चाहिए सीने में दर्द हो तो?

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सीने में दर्द हो तो सबसे पहले यह गलती न करें

सीने में दर्द होने पर सबसे बड़ी गलती है उसे हल्के में लेना या खुद से इलाज करना। कई लोग सोचते हैं कि थोड़ा आराम करने से या गैस की दवा लेने से दर्द ठीक हो जाएगा। कुछ लोग डर के कारण बिना समझे महंगी जांचें भी करवा लेते हैं। दोनों ही स्थितियां खतरनाक हो सकती हैं। सही कदम यह है कि लक्षणों को समझा जाए और डॉक्टर की सलाह ली जाए।

ईसीएचओ टेस्ट क्या बताता है और क्या नहीं?

सीने में दर्द या भारीपन महसूस होते ही बहुत से लोग तुरंत ईसीएचओ टेस्ट करवा लेते हैं। ईसीएचओ यानी इकोकार्डियोग्राफी एक अल्ट्रासाउंड टेस्ट है, जिससे दिल की बनावट और काम करने की क्षमता का पता चलता है। इस टेस्ट से यह देखा जा सकता है कि दिल कितनी ताकत से खून पंप कर रहा है, हार्ट वाल्व ठीक हैं या नहीं, और पहले कभी हार्ट अटैक हुआ है या नहीं। लेकिन यह समझना जरूरी है कि ईसीएचओ आने वाले हार्ट अटैक की भविष्यवाणी नहीं कर सकता।

हार्ट अटैक कैसे होता है और सही टेस्ट कौन से है?

हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की मांसपेशियों को मिलने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई कम हो जाती है और जरूरत ज्यादा हो जाती है। इसे सप्लाई और डिमांड का असंतुलन कहा जाता है। इस स्थिति को पहचानने के लिए ईसीजी और ट्रेडमिल टेस्ट ज्यादा उपयोगी होते हैं। ट्रेडमिल टेस्ट में मरीज को चलाया जाता है, जिससे दिल पर दबाव बढ़ता है और यह देखा जाता है कि दिल बढ़ी हुई जरूरत को पूरा कर पा रहा है या नहीं।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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Published on:
07 Feb 2026 12:14 pm
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