
जयपुर.
कोविड-19 के दौर में विभिन्न आशंकाओं के बीच टेलीमेडिसिन चिकित्सा पद्धति की विशेष चर्चा है। इससे जुड़े कई सवाल हैं, जिन्हें जान लेना चाहिए। मसलन, आपको डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए? क्या आपको पर्सनल अपॉइंटमेंट या टेलीमेडिसिन के माध्यम से डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? कई चिकित्सा संगठन इसके लिए कई वेबसाइट भी उपलब्ध करवा रहे हैं, जिनसे आप संपर्क कर सकते हैं। महामारी के दौर में स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े कुछ जरूरी दिशा-निर्देश-
मुझे ईआर (इमरजेंसी सेवा) पर कब संपर्क करना चाहिए?
चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस बात पर गौर किया है कि हार्ट अटैक और हल्के स्ट्रोक वाले रोगी देरी से इमरजेंसी पहुंचते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ और कोविड इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम के सदस्य एलिसन गुडमैन का कहना है कि आपातकालीन देखभाल में देरी ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, चेहरे पर खिंचाव, हाथ में कमजोरी और बोलने में कठिनाई या तेज आघात होने पर आपको तत्काल किसी भी माध्यम से आपातकालीन सेवा लेनी चाहिए।
मुझे डॉक्टर को कब बुलाना चाहिए?
गुडमैन का कहना है कि किसी अंग में असाधारण सूजन, पेट दर्द, अजीब सी गांठ या वजन बढऩे लगे तो डॉक्टर या क्लीनिक में कॉल करना चाहिए। अमरीकन कॉलेज ऑफ फिजिशयन की अध्यक्ष जैकलिन फिंचर का कहना है कि वह उन रोगियों को देखती हैं, जिनको उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय या गुर्दे की बीमारी है। जिन्हें पैरों में सूजन, सांस की तकलीफ और सीने में दर्द जैसे लक्षण होते हैं। ऐसे रोगियों को डॉक्टर्स को फोन करने में संकोच नहीं करना चाहिए।
किसे अस्पताल जाना जरूरी है
क्लीवलैंड क्लीनिक में कोलोरेक्टल सर्जन और डाइजेस्टिव डिजीज एंड सर्जरी इंस्टीट्यूट के चेयरमैन कॉलिन डेलानी का कहना है कि हर बार टेलीहेल्थ कारगर नहीं हो सकती, क्योंकि कई बार शारीरिक जांच या इलाज के लिए रोगी को व्यक्गित मिलना चाहिए। जैसे एलर्जी और अस्थमा को नियंत्रित करने के लिए रोगियों को अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। ठीक उसी तरह 24 माह तक के बच्चों को टीकाकरण की नियमित आवश्यकता होती है। कैंसर का इलाज करा रहे रोगियों को डायलिसिसि के लिए अस्पताल जाना जरूरी होता है। इसके अलावा नियमित उपचार ले रहे रोगियों को भी अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है, मसलन इन दिनों कोविड-19 के जोखिम को लेकर भी परामर्श दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं को परामर्श डेली मेडिसिन के माध्यम से दिया जा सकता है, लेकिन अल्ट्रासाउंड या अन्य जांचों के लिए अस्पताल जाना जरूरी है।
टेली मेडिसिन किन के लिए उपयोगी है?
अमरीकन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष पेट्रिक हैरिस के अनुसार चिकित्सक वीडियो कॉन्फ्रेंस जरिए नियमित मेडिकल हिस्ट्री, नए लक्षण या दवाओं की चर्चा कर सकते हैं। हालांकि शारीरिक जांच संभव नहीं है। टेलीहेल्थ पुराने रोगों के प्रबंधन के लिए बेहतर है, खासकर तब जब ऐसे रोगी कोरोना के उच्च जोखिम वाले समूह में होते हैं। हैरिस का कहना है कि टेलीहेल्थ के उपयोग का यह अच्छा अवसर है, इससे हेल्थकेयर बाधित नहीं होती है। डेलानी का कहना है कि वचुअल अपॉइंटमेंट पोस्ट ऑपरेटिव रोगियों के लिए विशेष उपयोगी है। यदि आपको डॉक्टर से सिर्फ पूछना ही है तो टेलहेल्थ आपके लिए बेहतर है। कोविड-19 के दौर में श्वास और अस्थमा रोगियों के बहुत से सवाल होते हैं कि इस संक्रमण के जोखिम से कैसे बचा जा सकता है। लक्षण पर भी चर्चा कर सकते हैं।
मुझे किन नियमित अपॉइंटमेंट में फेरबदल करना चाहिए?
यदि आप स्वस्थ हैं और लक्षणों के आधार पर कोई आसन्न संकट नहीं है तो आप अपने हेल्थकेयर प्रदाता से थोड़े समय के लिए अपॉइंटमेंट रद्द कर सकते हैं। कुछ डॉक्टर भी रोगियों को इस बारे में परामर्श देते हैं, जब उन्हें टेलीहेल्थ की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में महीनेभर बाद अपॉइंटमेंट लिया जा सकता है, ताकि लक्षणों से उपचार की प्रगति के बारे में समझा जा सके। दांतों की सफाई आदि के लिए डेंटिस्ट से गैर जरूरी अपॉइंटमेंट रद्द कर देने चाहिए। जरूरी होने पर ही अपॉइंटमेंट लें। यहां तक कि गर्भाशय, गले, फेफड़े या स्तर कैंसर होने पर भी मुश्किल लक्षण दिखे बिना नियमित जांच को टालना चाहिए। हालंाकि ऐसे मामलों में डॉक्टर से परामर्श जरूरी है। यदि स्क्रीनिंग के लिए कहा गया है तो टालना ठीक नहीं।
डॉक्टर के पास क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
यदि आप डॉक्टर से मिलने जा रहे हैं तो पहले फोन कर लें। हैरिस का कहना है कि डॉक्टर के ऑफिस से आपको पता चल जाएगा कि आपको किस दरवाजे से जाना है। आपको क्या करना चाहिए? वे आपको सारी प्रक्रिया समझा देंगे, जिससे आपका समय और श्रम बचेगा। चेहरे पर मास्क लगाना चाहिए और हाथ धोना भी नहीं भूलें। निकटतम व्यक्ति से छह फीट की दूरी जरूर बनाए रखें। इस संबंध में ज्यादातर वेटिंग रूम को फिर से तैयार किया जा रहा है, ताकि उचित दूरी बनी रहे। अस्पताल के गेट पर आपकी थर्मल स्कैनिंग या कोविड-19 से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं तो इनकार नहीं करें। चाहे कैबिन हो या लॉबी सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। मेडिकल एडवाइजरी का पूरा पालन करें, जैसे स्वछता के लिए हैंड सोप, अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग। आपातकालीन इकाई में श्वास लक्षणों वाले रोगियों को उन लोगों से खुद ही दूर रहना चाहिए, जो स्वस्थ हैं।