स्वास्थ्य

मंकीपॉक्स भी हो सकता है एसिम्प्टोमेटिक, कुछ समय तक हो सकता है अनडिटेक्टेड ट्रांसमिशन, WHO दावा

Monkeypox Virus: विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने चेतावनी दी है कि मंकीपॉक्स वायरस का अनडिटेक्टेड ट्रांसमिशन हो सकता है।
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Updated: 3 Jun 2022, 7:56 PM IST
मंकीपॉक्स भी हो सकता है एसिम्प्टोमेटिक, कुछ समय  तक हो सकता है अनडिटेक्टेड ट्रांसमिशन, WHO दावा
WHO said for undetected transmission of monkeypox

Monkeypox Virus: बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि वायरस का अनडिटेक्टेड ट्रांसमिशन हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO ने कहा कि मंकीपॉक्स के सैकड़ों मामले अफ्रीकी देशों से सामने आए हैं। "जांच जारी है, लेकिन कई देशों में एक ही समय में मंकीपॉक्स की अचानक उपस्थिति से पता चलता है कि कुछ समय के लिए अनडिटेक्टेड ट्रांसमिशन हो सकता है।" विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसुस ने बताया

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि पहली बार 7 मई को ब्रिटेन ने एक पुष्ट मंकीपॉक्स मामले की सूचना दी थी। इसके बाद बीमारी के 550 से अधिक पुष्ट मामलों की पुष्टि पश्चिम और मध्य अफ्रीकी देशों के बाहर 30 देशों में की गई है।

"स्पष्ट रूप से चिंता का कारण है"
संयुक्त देश की स्वास्थ्य एजेंसी के शीर्ष रोसमंड लेविस मंकीपॉक्स जानकर ने कहा कि यूरोप और अन्य राष्ट्रों में इतने सारे मंकीपॉक्स मामले की उपस्थिति "स्पष्ट रूप से चिंता का कारण है" और यह कुछ समय के लिए अनडिटेक्टेड ट्रांसमिशन का सुझाव देती है।" रोसमंड लेविस ने कहा, कि हम नही जानते हैं कि ये कितने समय के लिए है और नही ये जानते हैं कि क्या इसमें बहुत देर हो चुकी है या नहीं।

मंकीपॉक्स कम गंभीर वाली बीमारी है
मंकीपॉक्स चेचक से संबंधित है। 1980 में खत्म होने से पहले चेचक ने हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की जान ले ली थी। हालांकि मंकीपॉक्स सामने से फैलता है, जो बहुत कम खतरनाक बीमारी होता है। जिसमें चिकनपॉक्स की तरह दाने होते हैं और तेज बुखार होते हैं, जो कुछ हफ्तों में सही हो जाते हैं। मंकीपॉक्स को रोकने में चेचक के टीके 85% प्रभावी पाए गए हैं। अभी तक मंकीपॉक्स से मृत्यु की दर काफी कम पाई गई है और और स्थानिक देशों के बाहर भी अब तक मृत्यु की कोई मामला नहीं पाई गई है।

डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। इन्हें आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। 'पत्रिका' इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
3 Jun 2022, 7:56 PM IST
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