
दिवाली पर मिठाइयों और तली-भुनी चीज़ों के बीच ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल, अपनाएं हेल्दी डाइट- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Heart Patients Diwali: दिवाली मतलब घरों में दीयों की जगमगाती रोशनी, तरह-तरह की मिठाइयां, लजीज पकवान, दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलना और ढेर सारी खुशियां। बाज़ारों की रौनक देखते ही बनती है और हर कोई त्योहार की तैयारियों में जुट जाता है। लेकिन इस भागदौड़ और उत्साह में अक्सर हम अपनी सेहत, खासकर दिल की सेहत को पीछे छोड़ देते हैं। सोचिए, अगर घर में किसी को पहले से ब्लड प्रेशर, शुगर या दिल की कोई बीमारी है, तो उनके लिए यह समय थोड़ा संभलकर चलने वाला होता है। त्योहार के जोश में खानपान का बिगड़ जाना, मीठे और तली-चीज़ों का ज्यादा सेवन, नींद की कमी, थकान, ठंड की शुरुआत और पटाखों का धुआं ये सब मिलकर हमारे दिल पर चुपचाप अतिरिक्त दबाव डाल देते हैं। त्योहार तभी असली मायने में खुशहाल होता है जब हम अपनों के साथ-साथ अपने दिल की धड़कनों को भी सुरक्षित रखें। आइए पत्रिका की वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ हेमन्त चतुर्वेदी से खास बातचीत के आधार पर जानते हैं कि इस दिवाली आप अपने दिल को कैसे एकदम फिट और सुरक्षित रख सकते हैं।
त्योहार आते ही हमारी रोज की ज़िंदगी बिल्कुल उलट-पलट जाती है। सुबह से लेकर देर रात तक कभी शॉपिंग, कभी घर की साफ-सफाई, तो कभी मेहमानों की खातिरदारी। इस चक्कर में न खाने का कोई तय समय रहता है और न ही आराम का। इन दिनों कुछ ऐसी बातें आम हो जाती हैं जो दिल के मरीजों के लिए भारी पड़ सकती हैं;
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, दिवाली के आसपास मौसम भी करवट बदलने लगता है। गुलाबी ठंड की शुरुआत और ऊपर से पटाखों का धुआं यह दोनों मिलकर दिल के मरीजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। ठंड की वजह से शरीर की नसें थोड़ी सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। ऐसे में दिल को पूरे शरीर में खून पंप करने के लिए आम दिनों के मुकाबले ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिन्हें पहले से सीने में दर्द (एंजाइना) या दिल की कमजोरी की शिकायत है, उनकी तकलीफ बढ़ सकती है। दिवाली पर हवा में जो बारीक धूलकण (PM2.5 और PM10) घुल जाते हैं, वे सांस के जरिए हमारे खून तक पहुंच जाते हैं। इससे शरीर में अंदरूनी सूजन और तनाव बढ़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा अचानक ऊपर चला जाता है
इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप मुंह बनाकर बैठ जाएं और दिवाली की मिठाइयों को छू भी न सकें। बात सिर्फ समझदारी से चुनने की है। दिल के मरीजों को ऐसा खाना खाना चाहिए जो हल्का हो, जिसमें नमक-चिकनाई कम हो और फाइबर भरपूर हो।
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ हेमन्त चतुर्वेदी के मुताबिक, दिवाली का मजा लेने के लिए अपने दिल को खतरे में डालने की कोई जरूरत नहीं है। बस इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखिए;
दिवाली सिर्फ घरों को दीयों से रोशन करने का नाम नहीं है, बल्कि अपनी जिंदगी में सेहत और सुकून का उजाला भरने का मौका है। मिठाइयों की मिठास, अपनों का साथ और चेहरे की मुस्कान तभी सबसे प्यारी लगती है जब हमारा दिल अंदर से एकदम स्वस्थ हो। दिल के मरीजों को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बस थोड़ा संभलकर और समझदारी से त्योहार मनाने की जरूरत है। सही खानपान, वक्त पर दवा, पूरी नींद और थोड़ी सी सावधानी से आपकी दिवाली बेहद सुरक्षित और आनंदमय हो सकती है।
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Published on:
6 Nov 2026, 5:00 PM IST
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