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Heart Patients Diwali: दिवाली पर दिल को स्वस्थ कैसे रखें? जानें हार्ट पेशेंट की डाइट और इमरजेंसी लक्षणों पर कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह

Heart Patients Diwali: दिवाली पर दिल की सेहत का रखें ख्याल! नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन और कार्डियोलॉजिस्ट से जानें हार्ट पेशेंट क्या खाएं, कौन सी दवाइयां न भूलें और किन इमरजेंसी लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। डॉ. हेमन्त चतुर्वेदी की जरूरी सलाह।
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भारत

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Nidhi Yadav

•

Updated: 6 Nov 2026, 5:00 PM IST

दिवाली पर दिल की सेहत का ख्याल रखते हुए डॉक्टर की सलाह और हार्ट पेशेंट की गाइड

दिवाली पर मिठाइयों और तली-भुनी चीज़ों के बीच ऐसे रखें अपने दिल का ख्याल, अपनाएं हेल्दी डाइट- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Heart Patients Diwali: दिवाली मतलब घरों में दीयों की जगमगाती रोशनी, तरह-तरह की मिठाइयां, लजीज पकवान, दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलना और ढेर सारी खुशियां। बाज़ारों की रौनक देखते ही बनती है और हर कोई त्योहार की तैयारियों में जुट जाता है। लेकिन इस भागदौड़ और उत्साह में अक्सर हम अपनी सेहत, खासकर दिल की सेहत को पीछे छोड़ देते हैं। सोचिए, अगर घर में किसी को पहले से ब्लड प्रेशर, शुगर या दिल की कोई बीमारी है, तो उनके लिए यह समय थोड़ा संभलकर चलने वाला होता है। त्योहार के जोश में खानपान का बिगड़ जाना, मीठे और तली-चीज़ों का ज्यादा सेवन, नींद की कमी, थकान, ठंड की शुरुआत और पटाखों का धुआं ये सब मिलकर हमारे दिल पर चुपचाप अतिरिक्त दबाव डाल देते हैं। त्योहार तभी असली मायने में खुशहाल होता है जब हम अपनों के साथ-साथ अपने दिल की धड़कनों को भी सुरक्षित रखें। आइए पत्रिका की वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ हेमन्त चतुर्वेदी से खास बातचीत के आधार पर जानते हैं कि इस दिवाली आप अपने दिल को कैसे एकदम फिट और सुरक्षित रख सकते हैं।

त्योहारों के दिनों में दिल पर अचानक बोझ क्यों बढ़ जाता है?

त्योहार आते ही हमारी रोज की ज़िंदगी बिल्कुल उलट-पलट जाती है। सुबह से लेकर देर रात तक कभी शॉपिंग, कभी घर की साफ-सफाई, तो कभी मेहमानों की खातिरदारी। इस चक्कर में न खाने का कोई तय समय रहता है और न ही आराम का। इन दिनों कुछ ऐसी बातें आम हो जाती हैं जो दिल के मरीजों के लिए भारी पड़ सकती हैं;

  • तली-भुनी चीज़ें।
  • मिठाइयों की भरमार।
  • नमक का ज्यादा इस्तेमाल।
  • नींद पूरी न होना।
  • मानसिक तनाव।

ठंड और बढ़ते वायु प्रदूषण का दिल पर क्या असर पड़ता है?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, दिवाली के आसपास मौसम भी करवट बदलने लगता है। गुलाबी ठंड की शुरुआत और ऊपर से पटाखों का धुआं यह दोनों मिलकर दिल के मरीजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। ठंड की वजह से शरीर की नसें थोड़ी सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। ऐसे में दिल को पूरे शरीर में खून पंप करने के लिए आम दिनों के मुकाबले ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। जिन्हें पहले से सीने में दर्द (एंजाइना) या दिल की कमजोरी की शिकायत है, उनकी तकलीफ बढ़ सकती है। दिवाली पर हवा में जो बारीक धूलकण (PM2.5 और PM10) घुल जाते हैं, वे सांस के जरिए हमारे खून तक पहुंच जाते हैं। इससे शरीर में अंदरूनी सूजन और तनाव बढ़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा अचानक ऊपर चला जाता है

क्या करें?

  • बहुत ज्यादा धुआं और प्रदूषण वाले समय में घर से बाहर निकलने से बचें।
  • घर की खिड़कियां बंद रखकर अंदर की हवा को साफ रखने की कोशिश करें।
  • अगर बाहर जाना ही पड़े या प्रदूषण ज्यादा हो, तो अच्छा N95 मास्क जरूर लगाएं।
  • जरा भी सांस फूलने लगे या सीने में भारीपन लगे, तो तुरंत डॉक्टर से बात करें।

त्योहारों में हार्ट पेशेंट क्या खाएं और किन चीज़ों से दूरी बनाकर रखें?

इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप मुंह बनाकर बैठ जाएं और दिवाली की मिठाइयों को छू भी न सकें। बात सिर्फ समझदारी से चुनने की है। दिल के मरीजों को ऐसा खाना खाना चाहिए जो हल्का हो, जिसमें नमक-चिकनाई कम हो और फाइबर भरपूर हो।

क्या खाएं?

  • सेब, अमरूद, पपीता, संतरा और अनार।
  • जितना हो सके मौसमी सब्जियों और सलाद को थाली में जगह दें।
  • दलिया, ओट्स, मल्टीग्रेन रोटी और ब्राउन राइस।
  • राजमा, छोले, दालें और बिना नमक वाले बादाम-अखरोट सीमित मात्रा में।
  • कम चिकनाई वाला दूध या दही।

किन चीज़ों से दूर रहें?

  • देसी घी, मक्खन या डालडा में डूबी हुई बहुत मीठी या तली हुई मिठाइयां।
  • डीप-फ्राइड स्नैक्स जैसे समोसे, कचौरी और पूड़ियां।
  • बहुत ज्यादा नमकीन चिप्स, अचार और प्रोसेस्ड फूड।
  • कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट वाले मीठे शर्बत।
  • शराब और तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद रखें।

इन लक्षणों को कभी हल्के में न लें

  • सीने के बीचों-बीच दबाव, भारीपन, जकड़न या कसैलापन महसूस होना।
  • यह दर्द बाएं हाथ, दोनों हाथों, पीठ, गर्दन या जबड़े की तरफ जाते हुए महसूस होना।
  • बैठे-बैठे अचानक सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना।
  • बिना किसी मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आने लगना।
  • अचानक चक्कर आना, बहुत ज्यादा कमजोरी लगना या आंखों के आगे अंधेरा छा जाना।
  • जी मिचलाना या उल्टी जैसा मन होना।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए कार्डियोलॉजिस्ट की 10 जरूरी बातें

वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ हेमन्त चतुर्वेदी के मुताबिक, दिवाली का मजा लेने के लिए अपने दिल को खतरे में डालने की कोई जरूरत नहीं है। बस इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखिए;

  • त्योहार है तो क्या हुआ, सोने, जागने और खाने का समय लगभग एक जैसा रखें।
  • स्वाद के चक्कर में एक ही बार में बहुत सारा खाना पेट में न ठूंस लें।
  • खासकर हाई ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज इस बात का खास ख्याल रखें।
  • अपनी क्षमता के हिसाब से थोड़ी बहुत सैर या हल्की एक्सरसाइज जरूर जारी रखें।
  • रात में कम से कम 7-9 घंटे की नींद शरीर के लिए बहुत जरूरी है।
  • परिवार के साथ हंसते-बोलते वक्त बिताएं, किसी बात का तनाव न पालें।
  • पटाखों के घने धुएं और प्रदूषित हवा से खुद को बचाकर रखें।
  • चाहे कितनी भी व्यस्तता हो, समय पर अपनी दवाइयां लेते रहें।
  • डॉक्टर की सलाह के मुताबिक अपना बीपी और शुगर चेक करते रहें।
  • जरा भी असहजता महसूस हो (जैसे सीने में भारीपन या पसीना आना), तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

दिवाली सिर्फ घरों को दीयों से रोशन करने का नाम नहीं है, बल्कि अपनी जिंदगी में सेहत और सुकून का उजाला भरने का मौका है। मिठाइयों की मिठास, अपनों का साथ और चेहरे की मुस्कान तभी सबसे प्यारी लगती है जब हमारा दिल अंदर से एकदम स्वस्थ हो। दिल के मरीजों को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बस थोड़ा संभलकर और समझदारी से त्योहार मनाने की जरूरत है। सही खानपान, वक्त पर दवा, पूरी नींद और थोड़ी सी सावधानी से आपकी दिवाली बेहद सुरक्षित और आनंदमय हो सकती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।