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गर्दन, बगल या शरीर पर दिखने वाले Skin Tags क्या हैं? क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए शरीर पर क्यों निकलते हैं मस्से

Skin Tags Hindi: गर्दन या बगल पर निकलने वाले स्किन टैग्स (मस्से) क्या हैं? क्लीवलैंड क्लिनिक व अमरीका के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के मेडिकल अध्ययनों के अनुसार, जानिए इनके कारण और क्या ये खतरनाक होते हैं।
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भारत

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Nidhi Yadav

Aug 17, 2026

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गर्दन या बगल पर निकलने वाले स्किन टैग्स (मस्से) क्या हैं-प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Skin Tags Cause: क्या आपकी गर्दन, बगल (armpits) या जांघों के आसपास छोटे, लटकते हुए त्वचा के टुकड़े या मस्से जैसा कुछ महसूस होता है? मेडिकल भाषा में इन्हें स्किन टैग्स (Skin Tags) या एक्रोकोर्डन्स (Acrochordons) कहा जाता है। अमरीका के नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के मेडिकल अध्ययनों के अनुसार, अक्सर लोग इन्हें सामान्य मस्सा समझ लेते हैं। अच्छी बात यह है कि ये बिल्कुल बेनिन (Benign) यानी गैर-कैंसरकारी (Non-cancerous) होते हैं और सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाते। कई बार ये शरीर में चल रही अंदरूनी स्वास्थ्य स्थितियों का संकेत भी हो सकते हैं। आइए, समझते हैं कि ये क्यों होते हैं, कब चिंता की बात है।

स्किन टैग्स क्या होते हैं और यह शरीर पर कहां निकलते हैं?

स्किन टैग्स त्वचा की ऊपरी परत पर उगने वाले छोटे, नरम और उभरे हुए मांस के टुकड़े होते हैं। ये आमतौर पर त्वचा के रंग के या हल्के भूरे/काले रंग के होते हैं और एक छोटे से तने (stalk) से त्वचा से जुड़े रहते हैं। ये ज्यादातर शरीर के उन हिस्सों में निकलते हैं जहां त्वचा आपस में रगड़ खाती है या जहां कपड़ों/गहनों का घर्षण (friction) ज्यादा होता है;

  • गर्दन (Neck)।
  • बगल (Armpits)।
  • पलकें (Eyelids)।
  • जांघों और जांघ के जोड़ों (Groin/Thighs)।
  • छाती के निचले हिस्से (Under the breasts)।

शरीर पर स्किन टैग्स क्यों निकलते हैं?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, स्किन टैग्स बनने के पीछे ये मुख्य कारण जिम्मेदार होते हैं;

1.त्वचा का लगातार घर्षण (Friction)- जब शरीर की स्किन आपस में या कपड़ों से बार-बार रगड़ खाती है, तो उस जगह की कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं और स्किन टैग का रूप ले लेती हैं।

2. इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज (Insulin Resistance & Diabetes)- शरीर में इंसुलिन का स्तर असंतुलित होने पर या टाइप-2 डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों के रूप में स्किन टैग्स की संख्या बढ़ सकती है।

3. मोटापा और वजन बढ़ना (Obesity)- अधिक वजन होने से शरीर में त्वचा की परतें (skin folds) बढ़ती हैं, जिससे घर्षण अधिक होता है।

4. हार्मोनल बदलाव (Hormonal Changes)- गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन्स का स्तर बदलने से महिलाओं में स्किन टैग्स तेजी से निकल आते हैं।

5. उम्र का बढ़ना (Age Factor)- 40-50 की उम्र के बाद त्वचा का लचीलापन कम होने लगता है, जिससे स्किन टैग्स होना काफी आम हो जाता है।

6. आनुवंशिकता (Genetics)- अगर आपके माता-पिता या परिवार में स्किन टैग्स की समस्या रही है, तो आपको भी यह होने की संभावना ज्यादा होती है।

क्या स्किन टैग्स खतरनाक होते हैं?

स्किन टैग्स खतरनाक या जानलेवा नहीं होते। ये कैंसर में तब्दील नहीं होते और न ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं (यानी यह कोई छुआछूत की बीमारी या संक्रमण नहीं है)। यदि स्किन टैग्स कपड़ों या गहनों से अटककर कट जाएं और उनसे खून बहने लगे या दर्द हो। यदि अचानक बहुत सारे स्किन टैग्स निकलने लगें (यह आपके ब्लड शुगर या मेटाबॉलिक हेल्थ में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है)। यदि इसका रंग या आकार बहुत तेजी से बदलने लगे (इसे स्किन विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है ताकि अन्य त्वचा रोगों से फर्क स्पष्ट हो सके)।

घर पर इन्हें काटना या हटाना सुरक्षित है?

बिलकुल नहीं! क्लीवलैंड क्लिनिक के डॉक्टर घर पर स्किन टैग्स को धागे से बांधने, कैंची से काटने या बाजार में मिलने वाले ओवर-द-काउंटर (OTC) केमिकल प्रोडक्ट्स से हटाने की सख्त मनाही करते हैं।

घर पर हटाने के खतरे;

  • गंभीर इन्फेक्शन (Infection) फैलने का डर।
  • अत्यधिक खून बहना (Excessive Bleeding)।
  • त्वचा पर हमेशा के लिए गहरा दाग या स्कार (Scar) छूट जाना।
  • सही पहचान न होना (कभी-कभी कोई खतरनाक दाना या मस्सा स्किन टैग जैसा दिख सकता है)।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।