
फास्ट फूड-जंक फूड खाना ज्यादा पसंद है। पौष्टिक चीजों से शरीर की रोग प्रतिरोधकता मजबूत होती है। बीमारियों, मोटापा, कमजोर हड्डियां से बचेंगे। तीन आहार (ब्रेकफास्ट, लंच व डिनर) के बीच में दो हैल्दी स्नैक्स देना चाहिए।
शारीरिक, मानसिक विकास होता है बाधित
बच्चों की आयु के अनुसार उनका शारीरिक विकास जरूरी है। एक से पांच साल के बच्चे का प्रतिवर्ष दो किलोग्राम तक बढऩा चाहिए। इसके बाद बच्चों की मांसपेशियां, हड्डियां तेजी से विकसित होती हैं। 6 से 15 वर्ष तक सामान्यत: एक से डेढ़ किलो तक वजन बढऩा चाहिए। कम वजन वाले बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास बाधित होता है। उसमें एकाग्रता, गतिविधि व रोग प्रतिरोधकता कमजोर होती है।
ये पोषकतत्व भूरपूर दें
कार्बोहाइड्रेट : कार्बोहाइड्रेट शरीर में ईंधन का काम करता है। यह शरीर को ताकत देने वाला सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। फैट से भी ऊर्जा मिलती है। ये तीन प्रकार का होता है। अन सैचुरेटेड फैट बैड कॉलेस्ट्रॉल को कम करता है। ज्यादा सैचुरेटेड फैट से हृदय संबंधी समस्याएं व कॉलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
प्रोटीन - प्रोटीन शरीर के बिल्डिंग ब्लॉक कहलाता है। यह मांसपेशियों के उत्तकों को बनाने, रखरखाव व मरम्मत करने में मदद करता है। बच्चों को प्रोटीन की जरूरत सामान्य लोगों से दोगुनी जरूरत होती है। दूध, डेयरी प्रोडक्ट, टोफू, दालें, अंडे, मछली व मांस का प्रयोग कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन प्रचुर मात्रा में मिलता है।
विटामिन और खनिज - विटामिन और खनिज शारीरिक व मानसिक विकास में मदद करते हैं। आयरन और कैल्शियम बच्चों के लिए बहुत आवश्यक पोषक तत्व हैं। हड्डियां व दांत मजबूत करने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है। दूध और दूध से बने पदार्थ, हरी पत्तियों वाली सब्जियों में कैल्शियम का प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
एक्सपर्ट- डॉ. अजय दानी, मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट एंड चाइल्ड स्पेशलिस्ट एम्स रायपुर