PCOD Symptoms : पीसीओएस या पीसीओडी (PCOD) एक ऐसी स्थिति है जो महिलाओं में माहवारी से संबंधित समस्याएं उत्पन्न करती है, जिसमें पीरियड्स का समय पर न आना शामिल है। वर्तमान में बदलती जीवनशैली, जैसे अनियमित दिनचर्या, अस्वस्थ आहार और व्यायाम की कमी, के कारण कई महिलाएं और लड़कियां इस समस्या का सामना कर रही हैं। पीसीओएस (PCOD) का मुख्य कारण हार्मोनल अ
PCOD Symptoms : पीसीओएस या पीसीओडी (PCOD) एक ऐसी स्थिति है जो महिलाओं में माहवारी से संबंधित समस्याएं उत्पन्न करती है, जिसमें पीरियड्स का समय पर न आना शामिल है। वर्तमान में बदलती जीवनशैली, जैसे अनियमित दिनचर्या, अस्वस्थ आहार और व्यायाम की कमी, के कारण कई महिलाएं और लड़कियां इस समस्या का सामना कर रही हैं। पीसीओएस (PCOD) का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन है।
इस स्थिति को सुधारने के लिए महिलाएं अक्सर हार्मोनल दवाओं का सहारा लेती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं। इसलिए, हार्मोन को संतुलित करने के लिए प्राकृतिक उपचारों का चयन करना अधिक उचित है। घरेलू उपाय वजन बढ़ाने, मूड स्विंग, अनिद्रा और अवसाद जैसे लक्षणों को उत्पन्न नहीं करते हैं।
पीसीओएस (PCOD) से ग्रसित महिलाओं में अनियमित पीरियड, बांझपन, हर्सुटिज्म, मूड स्विंग, मुंहासे, अवसाद, मोटापा और हाई एण्ड्रोजन जैसी कई गंभीर परेशानियां होने लगती है और महिला परेशान रहने लगती है।
मेथी(Fenugreek)
मेथी, जो फाइटोएस्ट्रोजेन और आइसोफ्लेवोन्स से समृद्ध है, एस्ट्रोजन के स्तर को कम करने में सहायक होती है और एंडोमेट्रियम के स्वास्थ्य को सुधारती है, जिससे पीरियड के दौरान रक्त प्रवाह में सुधार होता है। इसके अलावा, यह अतिरिक्त शुगर और इंसुलिन के स्तर में वृद्धि को नियंत्रित करने में भी मदद करती है।
तिल के बीज (Sesame seeds)
तिल के बीज का सेवन महिलाओं के काम आ सकता है। तिल के बीज जिंक से भरपूर होने के कारण प्रोजेस्टेरोन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ये प्रकृति में गर्म होते हैं और कफ को कम करके आपके पीरियड (PCOD) को नियंत्रित करते हैं।
गुड़ और हल्दी(Jaggery and Turmeric)
हल्दी कफ को कम करती है जिससे ब्लॉक चैनल को साफ करने में मदद मिलती है। गुड़ वजन कंट्रोल करने में कारगर है।
एक गिलास पानी लें और उसमें 1 चम्मच मेथी के बीज, 1 चम्मच तिल, 1 छोटा टुकड़ा गुड़ (लगभग 5 ग्राम) और 1 चम्मच हल्दी डालें। इसे मध्यम आंच पर 5-7 मिनट तक उबालें। बाद में इसे छानकर गर्मागर्म पिएं। यदि आपका वजन ज्यादा है, तो आप इसमें आधा नींबू का रस भी मिला सकते हैं।
यदि आपके मासिक धर्म में 3 महीने या उससे अधिक की देरी हो रही है, तो इस चाय का सेवन प्रतिदिन सुबह 12 सप्ताह तक करें। यदि आपके पीरियड्स में 1-2 महीने की देरी है, तो इसे अपने पीरियड्स के आने से 2 सप्ताह पहले से लेना प्रारंभ करें, जब तक कि आपके पीरियड्स न आ जाएं। यदि आपके पीरियड्स में 15-25 दिन की देरी हो रही है, तो इसे अपने पीरियड्स के आने से ठीक एक सप्ताह पहले से लेना शुरू करें, जब तक कि आपके पीरियड्स न आ जाएं।
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डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।