World Cancer Day 2026: फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) सबसे खतरनाक और जानलेवा कैंसरों में से एक है। यह दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का मुख्य कारण है, जो प्रति वर्ष अनुमानित 1.8 मिलियन (18 लाख से अधिक) लोगों की जान लेता है।
World Cancer Day 2026: कैंसर दिवस हर साल आता है और चला जाता है। कैंसर के मरीजों की संख्या भी हर साल उतनी ही तेजी से बढ़ रही है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर कैसे और कब यह बीमारी खत्म होगी? जिस कदर कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उस तरीके से तो लग रहा है कि यह बीमारी कभी भी खत्म नहीं होगी। दुनिया में कैंसर के इतने प्रकार हैं जितने कि अंग। लगभग हर अंग में कैंसर का प्रकार पनप रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों और ऑन्कोलॉजी (Oncology) विशेषज्ञों के अनुसार फेफड़ों के कैंसर को दुनिया का सबसे खतरनाक कैंसर माना जाता है। फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) सबसे खतरनाक और जानलेवा कैंसरों में से एक है। यह दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों का मुख्य कारण है, जो प्रति वर्ष अनुमानित 1.8 मिलियन (18 लाख से अधिक) लोगों की जान लेता है। आपके लिए यह आश्चर्य की बात हो सकती है कि आंखों से फेफड़ों के कैंसर का पता चलता है। आइए जानते हैं कि फेफड़ों का कैंसर कितना खतरनाक है और आंखों के कौनसे संकेत फेफड़ों के कैंसर का इशारा होते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, फेफड़ों का कैंसर स्तन (Breast), कोलन और प्रोस्टेट कैंसर को मिलाकर भी उनसे ज्यादा लोगों की जान लेता है। अकेले 2020 में ही इसने करीब 18 लाख लोगों की जान ली थी। फेफड़ों के कैंसर को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती चरण (Early Stage) में बहुत ही मामूली होते हैं। जब तक व्यक्ति को गंभीर खांसी या खून आने जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तब तक अक्सर कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल चुका होता है। फेफड़ों का कैंसर बहुत ही आक्रामक (Aggressive) होता है। यह फेफड़ों से निकलकर बहुत जल्दी दिमाग (Brain), हड्डियों (Bones) और लिवर तक पहुंच जाता है, जिसके बाद इसका इलाज करना बहुत कठिन हो जाता है।
1.आंखों का पीला होना (जौंडिस/पीलिया)- जब हमारे फेफड़ों पर कैंसर कोशिकाओं का हमला होता है तो हमारी आंखों का रंग पीला हो जाता है। पीलिया भी फेफड़ों के कैंसर के मरीजों में सबसे पहले देखने को मिलता है।
2. आंखों के नीचे सूजन आना- फेफड़ों के ट्यूमर छाती और गर्दन के पास की नसों को दबा देते हैं। यही सबसे बड़ा कारण है कि फेफड़ों के कैंसर वाले मरीज की आंखें ज्यादातर सूजी हुई दिखाई देती हैं।
3. आंखों का बाहर आना (प्रोपोसिस)- फेफड़ों का कैंसर असल में करता यह है कि आंखों के नीचे के जो ऊतक होते हैं उनको फैला देता है, जिससे आंखें बाहर की ओर उभरी हुई दिखाई देती हैं।
4. पलकों का नीचे की ओर झुकना- जब हमारी पलकें नीचे की ओर झुक जाती हैं, तो चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे टोसिस (Ptosis) कहा जाता है। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि फेफड़ों का कैंसर आंखों की मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली नसों को प्रभावित करता है, जिससे पलकें झुक जाती हैं।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।