
Endometriosis Symptoms (Photo- gemini ai)
Endometriosis Symptoms: एंडोमेट्रियोसिस एक लंबे समय तक रहने वाली बीमारी है, जो दुनियाभर में लाखों महिलाओं को प्रभावित करती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह बीमारी प्रजनन आयु की लगभग 10% महिलाओं यानी करीब 19 करोड़ महिलाओं में पाई जाती है। इसमें गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी कोशिकाएं शरीर के दूसरे हिस्सों में बढ़ने लगती हैं, जहां उनका होना सामान्य नहीं होता। इससे सूजन, दर्द और अंदरूनी घाव (स्कार टिश्यू) बन जाते हैं।
एंडोमेट्रियोसिस की शुरुआत पहली माहवारी से हो सकती है और यह मेनोपॉज तक बनी रह सकती है। यह बीमारी आमतौर पर गर्भाशय के पीछे की जगह, अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय की दीवार और पेल्विक हिस्से को प्रभावित करती है। कुछ मामलों में यह आंत, मूत्राशय, डायफ्राम, योनि या फेफड़ों तक भी फैल सकती है, हालांकि ऐसा कम होता है।
इस बीमारी का अभी कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन दवाओं और कुछ मामलों में सर्जरी से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है। आम लक्षणों में तेज पीरियड दर्द, पेट या कमर दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग, संबंध बनाते समय दर्द और गर्भधारण में परेशानी शामिल है। लेकिन कई महिलाओं में इसके लक्षण अलग और समझ में न आने वाले होते हैं, जिससे पहचान में देर हो जाती है।
अगर पीरियड के आसपास अचानक कब्ज, दस्त, ज्यादा गैस या पेट फूलने की समस्या होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। आंतों पर जमा एंडोमेट्रियोसिस टिश्यू सूजन पैदा करता है, जिससे दर्द के साथ टॉयलेट जाने में परेशानी या कभी-कभी खून भी आ सकता है।
पीरियड या ओवुलेशन के समय बार-बार पेशाब आना, जलन या दर्द होना भी संकेत हो सकता है। कई बार इसे यूटीआई समझ लिया जाता है, जबकि असल वजह मूत्राशय पर दबाव होता है।
अगर पूरी नींद लेने के बाद भी शरीर में एनर्जी नहीं रहती, दिमाग भारी लगता है या बिना वजह थकान रहती है, तो यह शरीर में चल रही सूजन का असर हो सकता है।
कूल्हे, जांघ, घुटने या एक तरफ के पैर में दर्द होना, जो हर महीने बढ़ जाता है, एंडोमेट्रियोसिस का संकेत हो सकता है। यह नसों पर दबाव की वजह से होता है।
पीरियड के समय तेज सिरदर्द, उलटी जैसा मन या आंखों के सामने चमक दिखना हार्मोनल बदलाव और सूजन से जुड़ा हो सकता है।
पीरियड के दौरान या बाद में अचानक कंधे में तेज दर्द होना एक चौंकाने वाला लेकिन जरूरी संकेत है। यह डायफ्राम या छाती के पास टिश्यू जमा होने की वजह से हो सकता है। अगर ऐसे लक्षण बार-बार हों और हर महीने पीरियड से जुड़े दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। समय पर पहचान से इलाज आसान और असरदार हो सकता है।
Updated on:
03 Feb 2026 11:46 am
Published on:
03 Feb 2026 11:45 am

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