स्वास्थ्य

Health update: दुनिया का पहला बॉडी डिवाइस, जो हेल्थ की रखेगा निगरानी

Health update: भारतीय मूल के एक व्यक्ति के नेतृत्व में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने दुनिया का पहला उपकरण विकसित किया है जो मानव शरीर में सूक्ष्म ध्वनियों को लगातार ट्रैक कर सकता है और किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान कर सकता है।

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Nov 18, 2023
Health update: दुनिया का पहला बॉडी डिवाइस, जो हेल्थ की रखेगा निगरानी
Health update: दुनिया का पहला बॉडी डिवाइस, जो हेल्थ की रखेगा निगरानी

दुनिया का पहला ऐसा बॉडी डिवाइस बन गया है, जो शरीर की निगरानी रख सकता है और उसके अंदर होने वाली असामान्य प्रक्रियाओं को ट्रेक कर सकता है। यह उपकरण शरीर के लगभग किसी भी हिस्‍से पर एक वायरलेस तरीके से फेफड़ों के अंदर और बाहर आने वाली हवा, दिल की धड़कन और यहां तक कि लंबे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जीआई ट्रैक्ट) के माध्यम से पचने वाले भोजन की प्रगति को ट्रैक कर सकता है।

अभी हुई है पायलट स्टडी
पायलट स्टडी में अमरीका में नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने श्वसन और आंतों की गतिशीलता संबंधी विकारों वाले 15, समय से पहले जन्में बच्चे और 55 वयस्क, जिनमें 20 पुरानी फेफड़ों की बीमारियों से पीड़ितों को शामिल किया था। नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि उपकरणों ने न केवल क्लिनिकल-ग्रेड सटीकता के साथ प्रदर्शन किया, बल्कि उन्होंने नई कार्यक्षमताएं भी पेश की, जिन्हें विकसित नहीं किया गया है और न ही अनुसंधान या क्लिनिकल देखभाल में पेश किया गया है।

अच्छी तरह हो सकेगा मूल्यांकन
नॉर्थ वेस्टर्न मेडिसिन के थोरेसिक सर्जन अंकित भरत ने बताया कि इन उपकरणों के पीछे का विचार रोगी के स्वास्थ्य का अत्यधिक सटीक निरंतर मूल्यांकन प्रदान करना है। सिलिकॉन से बने उपकरण की लंबाई 40 मिलीमीटर, चौड़ाई 20 मिलीमीटर और मोटाई 8 मिलीमीटर है। डिवाइस में एक फ्लैश मेमोरी ड्राइव, छोटी बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक ब्लूटूथ क्षमताएं और दो छोटे माइक्रोफोन हैं, जिनमें से एक का मुख शरीर के अंदर की ओर है और दूसरे का मुख बाहर की ओर है।

पुरानी फेफड़ों की बीमारी में मिलेगा आराम
पुरानी फेफड़ों की बीमारियों और स्वस्थ नियंत्रण वाले वयस्कों में उपकरण ने एक साथ विभिन्न स्थानों पर फेफड़ों की आवाज और शरीर की गति के वितरण को कैप्चर किया, जिससे शोधकर्ताओं को फेफड़ों के विभिन्न क्षेत्रों में एक ही सांस का विश्लेषण करने में मदद मिली।

Published on:
18 Nov 2023 09:18 am