स्वास्थ्य

दुनिया की सबसे ताकतवर MRI मशीन ने ली इंसानों के दिमाग की पहली तस्वीर

World's most powerful MRI scanner : फ्रांस के वैज्ञानिकों ने दिमाग की जांच करने वाली दुनिया की सबसे ताकतवर मशीन बनाई है! ये मशीन इतनी ताकतवर है कि दिमाग का इतना बारीकी से नक्शा बना सकती है जितना पहले कभी नहीं हो पाया. इससे वैज्ञानिकों को हमारे दिमाग को बेहतर तरीके से समझने और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का इलाज खोजने में मदद मिल सकती है.

3 min read
Apr 04, 2024
MRI (Photo: IANS)
MRI (Photo: IANS)

फ्रांस के वैज्ञानिकों ने दिमाग की जांच करने वाली एक बहुत ही ताकतवर मशीन बनाई है! ये मशीन इतनी ताकतवर है कि दिमाग का इतना बारीकी से नक्शा बना सकती है जितना पहले कभी नहीं हो पाया. इससे हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि हमारा दिमाग कैसे काम करता है और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का इलाज ढूंढने में भी मदद मिलेगी.

कद्दू से इंसानों के दिमाग तक

फ्रांस की परमाणु ऊर्जा आयोग (CEA) के वैज्ञानिकों ने सबसे पहले इस मशीन का इस्तेमाल 2021 में एक कद्दू की तस्वीर लेने के लिए किया था. अब उन्हें इंसानों के दिमाग को स्कैन करने की इजाजत मिल गई है. पिछले कुछ महीनों में, लगभग 20 स्वस्थ लोगों ने सबसे पहले इस नई मशीन में अपने दिमाग का स्कैन करवाया है. ये मशीन पेरिस के दक्षिण में पठार डे सैकले इलाके में स्थित है, जहां कई टेक्नोलॉजी कंपनियां और यूनिवर्सिटियां हैं.

दस गुना ज्यादा ताकतवर!

इस मशीन का नाम इसेल्ट (Iseult) है. ये अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली MRI मशीनों से 10 गुना ज्यादा ताकतवर है. अस्पताल वाली MRI मशीनें 3 टेस्ला की ताकत से काम करती हैं, जबकि इसेल्ट 11.7 टेस्ला की ताकत से काम करती है. टेस्ला चुंबकीय शक्ति को मापने की इकाई है. इसका नाम वैज्ञानिक निकोला टेस्ला के नाम पर रखा गया है.

दिमाग की नसों का भी पता लगाएगी ये मशीन!

इस ताकतवर मशीन से दिमाग की इतनी बारीकी से जांच की जा सकती है कि दिमाग को खून पहुंचाने वाली छोटी से छोटी नसों को भी देखा जा सकता है. साथ ही दिमाग के पिछले हिस्से की बनावट के बारे में भी ज्यादा जानकारी मिल सकेगी. ये ऐसी चीजें हैं जिन्हें पहले की MRI मशीनों से देखना मुश्किल था.

The world most powerful MRI machine took the first picture of the human brain : Photo Credits -freepik

अल्जाइमर जैसी बीमारियों पर भी रिसर्च! Alzheimer's Disease and MRI

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस मशीन की मदद से अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी बीमारियों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी. साथ ही मानसिक बीमारियों जैसे डिप्रेशन और स्किजोफrenia पर भी रिसर्च की जा सकेगी.

अभी आम लोगों के लिए नहीं

फिलहाल, आम लोगों के लिए इस मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा. ये मशीन बीमारियों की जांच के लिए नहीं बनाई गई है. लेकिन वैज्ञानिकों को इससे जो जानकारी मिलेगी, उसका इस्तेमाल भविष्य में अस्पतालों में किया जा सकता है. आने वाले कुछ महीनों में और स्वस्थ लोगों को इस मशीन में दिमाग का स्कैन करवाने के लिए चुना जाएगा.

दिमाग की नसों का भी पता लगाएगी ये मशीन : Photo Credits -freepik

आइए अब इस मशीन के बारे में थोड़ा और विस्तार से जानें

मशीन कैसी दिखती है?
ये मशीन एक बड़े बेलनाकार (Cylinder) आकार की होती है, जो लगभग 5 मीटर लंबी और ऊंची होती है. इसके अंदर एक बहुत बड़ा चुंबक लगा होता है, जिसका वजन 132 टन होता है! ये चुंबक इतना ताकतवर होता है कि इसे चलाने के लिए 1500 एम्पियर की बिजली की जरूरत पड़ती है. इस बेलनाकार के बीच में एक ऐसा स्थान होता है जहां पर इंसान लेट सकता है. ये जगह लगभग 90 सेंटीमीटर चौड़ी होती है.

इतनी ताकतवर मशीन बनाने में कितना समय लगा?

इस मशीन को बनाने में फ्रांस और जर्मनी के इंजीनियरों को लगभग 20 साल लग गए. अमेरिका और दक्षिण कोरिया भी इतनी ही ताकतवर MRI मशीन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इस ताकतवर मशीन का एक मुख्य लक्ष्य ये समझना है कि हमारा दिमाग कैसे काम करता है और दिमाग के कौन से हिस्से किन कामों के लिए जिम्मेदार होते हैं.

Updated on:
07 Jul 2025 05:09 pm
Published on:
04 Apr 2024 03:41 pm