स्वास्थ्य

Health tips : स्वस्थ हृदय के लिए रोज करें यह योग प्राणायाम

Health tips : हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आप घर में कुछ योग प्राणायाम कर सकते हैं। जिसके माध्यम से आप स्वस्थ रह सकते हैं।
2 min read
• •
Updated: 15 Aug 2021, 4:26 PM IST
Health tips
Health tips

भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में आप योग प्राणायाम के माध्यम से स्वस्थ रह सकते हैं। आप रोजाना योग प्राणायाम के माध्यम से अपने हृदय को स्वस्थ रख सकते हैं। योग प्राणायाम से आपको कई बीमारियों से भी निजात मिलेगी। आपको मोटापा, उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्याओं से भी निजात मिलेगी। इसके लिए जरूरी है कि आप रोजाना कुछ योगासन करें।

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आप यह 3 आसन रोजाना करें। इससे आपके शरीर को बहुत फायदा होगा और आपका हृदय भी स्वस्थ रहेगा।

ताड़ासन करें -

ताड़ासन आपके हृदय और स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। आप इसे करने के लिए सूर्य की तरफ मुंह कर कर प्राणायाम मुद्रा में खड़े हो जाएं।फिर दोनों हाथों को हवा में लहरा कर नमस्कार की मुद्रा में आए। इस क्रम में ध्यान रहे कि आप घुटनों को हवा में लहराते हुए पंजो पर खड़े हो जाएं और पैरों की एड़ियां एक दूसरे से मिली रहे। कुछ पल रुकने के बाद पुनः पहली अवस्था में आए। रोजाना ताड़ासन कम से कम 10 बार करने से आपको बहुत फायदा होगा।

वृक्षासन करें-

वृक्षासन सेहत और ह्रदय दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इसके लिए आप सूर्य की दिशा में मुंह करके सावधान मुद्रा में खड़े हो। फिर दोनों हाथों को हवा में लहरा कर ऊपर ले जाएं और बाएं पैर को दाहिने जांघ पर रखें। इसके बाद सूर्य को साक्षी मानकर वृक्ष मुद्रा में खड़े हो जाये। जब तक आप अपने शरीर को कंट्रोल कर सकते हैं। उतनी देर तक आप इस योग को करें। फिर पहली पोजीशन में आ जाए। यह योगासन आप करीब 10 बार कर सकते हैं।

भुजंगासन करें -

भुजंगासन को कोबरा पोज भी कहते हैं। इस योग में सांप की तरह अपने धड़ को आगे की दिशा में उठा कर रखना पड़ता है। इस योग को करने से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। इसके लिए आप पेट के बल लेट जाएं और थोड़ी देर आराम करें। अब पुश अप मुद्रा में आकर शरीर के अगले हिस्से को उठाएं। इस आसन में अपने धड़ आगे की दिशा में उठाकर रखना होता है। इस मुद्रा में अपनी शारीरिक क्षमता अनुसार रहे। फिर पहली अवस्था में आ जाए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
Also Read
View All
Pins and Needles Sensation: थोड़ी देर बैठकर उठते ही पैरों में चींटियां चलने का एहसास किस कारण से होता है, हेल्थलाइन से जानें बचाव के उपाय

Hypersalivation: बिना कुछ खाए भी मुंह में पानी क्यों भरने लगता है? हेल्थलाइन से समझें इसके लक्षण

Autophony: कान में अपनी ही आवाज गूंजती हुई क्यों सुनाई देती है? जॉन हॉपकिंस मेडिसिन से जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Body Odor After Shower: नहाने के बाद भी शरीर से अजीब गंध आती है? इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं, मेयो क्लिनिक से जानें

Aphthous Ulcers: मुंह में बार-बार छाले क्यों पड़ते हैं? कब जांच कराना जरूरी है, क्लीवलैंड क्लिनिक और डर्मनेट से जानें