
हाल ही अमरीका के ब्लू क्रॉस व ब्लू शेल्ड संगठन ने एक अध्ययन किया, जिसमें पाया गया कि तकनीकी युग में तेजी से बदलाव का मिलेनियल्स की सेहत पर भी असर पड़ा रहा है। उनकी मानसिक और शारीरिक सेहत बिगड़ रही है। अध्ययन में पाया गया कि मिलेनियल्स को मुख्य रूप से 10 बीमारियों का खतरा सबसे अधिक है। मिलेनियल्स की तुलना में जेनरेशन एक्स के लोग जब मिलेनियल्स की उम्र में थे तो वे अधिक स्वस्थ और प्रसन्न थे।
ये हैं बीमारियों और उनका प्रतिशत
तनाव 31%, हाइपरटेंशन 16%, हाइपर एसिडिटी 23%, हाई कोलेस्ट्रॉल 12%, डायबिटीज 22%, तंबाकू जनित 10%, अल्कोहल डिसऑर्डर 02%, मानसिक बीमारियां 10%, पेट का अल्सर 10%, ड्रग एडिक्शन 01% है.
इन कारणों से बीमार हो रहे हैं युवा
इस उम्र के अधिकतर लोग वर्किंग होते हैं जो नियमित ऑफिस जाते हैं। वे ऑफिस में 10 घंटे से अधिक बैठते हैं। घर-परिवार और ऑफिस से तालमेल न बैठने से तनाव व मनोरोग होता है। डे-नाइट शिफ्ट से शरीर की जैविक घड़ी गड़बड़ा रही है। हार्मोंस का संतुलन बिगडऩे से ये बीमारियां हो रही हैं। इसके अलावा गलत खानपान, समय से डाइट न लेना भी कारण हैं।
मानसिक रोग बढ़े
अध्ययन में कहा गया है कि मेंटल हैल्थ की मुख्य वजहों में टेक्नीक का एडवांसमेंट, इंटरनेट के कारण 24 घंटे इलेक्टॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल, दिन-रात काम करना, हर चीज में दूसरे से जीतने की मानसिकता, पति-पत्नी का जॉब करना भी कारण है। इस वजह से हर व्यक्ति को समझौता करना पड़ रहा है। असंतोष बढ़ रहा है। व्यायाम न करना और अपर्याप्त नींद भी वजह है।
अपने जीवन में ये बदलाव लाएं
नियमित दिनचर्या रखें। सोने-जागने का समय तय करें।
नाश्ता, लंच और डिनर समय से करें। समय पर डाइट न लेने से एसिडिटी की समस्या बढ़ती है।
आहार का ध्यान रखें। जंक-फास्ट फूड खाने से बचें। इसमें कैमिकल्स होते हैं। एसिडिटी और अल्सर का खतरा बढ़ता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और ज्यादा लिक्विड लें।
तम्बाकू-अल्कोहल का नशा करते हैं तो तत्काल छोड़ दें।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल सीमित समय तक ही करें। लोगों से सीधे मिलकर बात करें।
अगर उम्र 30-40 से अधिक है तो चिकित्सकीय सलाह लेते रहें।
व्यायाम के लिए 40-50 मिनट का समय निकालें। वॉक करें। योग-ध्यान भी कर सकते हैं।
नकारात्मक चीजों से दूर रहें। अच्छी किताबें पढ़ें।
ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठें। खुद को ब्रेक दें।
आंखों को भी आराम दें। कंप्यूटर-इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स पर अधिक समय न दें।
डॉ. अजय नायर, फिजिशियन, जयपुर