
(हिसार): हरियाणा रोडवेज की चक्काजाम हडताल ने बुधवार को सोलह दिन पूरे कर लिए। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने बुधवार को राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर दखल करते हुए हडताल समाप्त कराने की मांग की। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि हडताल का कारण बने रोडवेज के बेडे में 720 निजी बसों को शामिल करने के फैसले को वापस लिया जाए।
पार्टी विधायकों के साथ राज्यपाल से मुलाकात के बाद हुड्डा ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि रोडवेज के बेडे में 720 निजी बसों को शामिल करने का फैसला वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि बसों को चलाने की पिछली और मौजूदा दरों के टेण्डरों को देखा जाए तो इसमें बडे घोटाले की आशंका होती है। हुड्डा ने कहा कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो 720 निजी बसों को रोडवेज के बेडे से बाहर करने का फैसला किया जाएगा।
उधर राज्य सरकार ने रोडवेज हडताल के दौरान लोगों को यात्रा सुविधा मुहैया कराने के लिए चालक और परिचालक अस्थायी तौर पर भर्ती किए है। सरकार ने निजी और सहकारी संस्थाओं की बसों को चलाने के लिए अनुबंधित किया है। राज्य सरकार ने पहले नियुक्त अस्थायी चालक और परिचालक बर्खास्त भी किए है। कई रोडवेज कर्मचारी नेता गिरफ्तार व निलंबित किए गए है। सरकार के इन कदमों के बावजूद रोडवेज कर्मचारी हडताल से पीछे हटने को तैयार नहीं है। हडताल के संचालन के लिए रोडवेज कर्मचारी चैबीस घंटे लंगर चला रहे है। रोजाना डेढ से दो सौ कर्मचारी इस लंगर पर भोजन के लिए पहुंच रहे है। रोडवेज कर्मचारी नेता कह रहे हैं कि 720 निजी बसों को किराए पर लेने का फैसला वापस लेने तक हडताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने इस फेसले पर अडे रहकर हडताल के लिए मजबूर किया है।