
Hollywood Movie: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने हर माता-पिता की नींद उड़ा दी है। एक टास्क-बेस्ड 'कोरियन लवर गेम' की लत के चलते तीन सगी बहनों ने जिनकी उम्र 12, 14 और 16 साल थी, बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। उनके आखिरी शब्द थे 'सॉरी पापा'। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि लड़कियां उस गेम की इतनी आदी हो चुकी थीं कि टास्क पूरा न कर पाने के डर और मानसिक दबाव ने उन्हें मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब किसी डिजिटल गेम ने लोगों की जान ली हो। इससे पहले 'ब्लू व्हेल' और 'मोमो चैलेंज' जैसे गेम्स भी कई मासूमों को निगल चुके हैं। मोबाइल गेम्स का यह खतरनाक चेहरा मनोरंजन नहीं, बल्कि एक मनोवैज्ञानिक जाल है। दिलचस्प बात यह है कि हॉलीवुड ने समय-समय पर अपनी फिल्मों के जरिए इस डिजिटल खतरे की चेतावनी लोगों को दी है। यहां ऐसी हॉलीवुड की 5 फिल्में हैं जो ऑनलाइन गेम्स की काली हकीकत बयां करती हैं।
यह फिल्म आज के दौर को दिखाती है। इसमें एक ऑनलाइन 'डेयर' गेम दिखाया गया है, जहां लोग पैसे और फेमस होने के लिए जानलेवा रिस्क लेने लगते हैं। ये फिल्म दिखाती है कि कैसे 'पीयर प्रेशर' में आकर युवा अपनी जान दांव पर लगा देते हैं।
नेटफ्लिक्स की यह फिल्म की कहानी 80 के दशक के गेम के इर्द-गिर्द घूमती है। गेम खेलने वाले के सामने ऐसे ऑप्शन रखे जाते हैं जो असल जिंदगी में दर्दनाक नतीजे लेकर आते हैं। यह एडिक्शन के डरावने अंत को दिखाती है।
इस फिल्म की टैगलाइन ही डरावनी है। "अगर आप गेम में मरते हैं, तो आप असल में मरते हैं।" यह वर्चुअल दुनिया और हकीकत के बीच धुंधली होती लकीर को शानदार तरीके से दिखाती है।
हालांकि ये फिल्म काफी पुरानी है, लेकिन इसकी कहानी आज भी नई जैसी ही लगती है। इसमें एक प्लेयर वीआर (VR) गेम के प्रेशर में आकर असल दुनिया में मर्डर करने लगता है, उसे लगता है कि यह सब सिर्फ गेम का हिस्सा है।
यह फिल्म सोशल मीडिया और ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिए पैदा होने वाले मानसिक दबाव और डर को दिखाती है, जो आखिर में जानलेवा साबित होता है।