castor leaves uses in hindi: कई बार हमें जानकारी ही नहीं होती कि हमारे आस—पास मौजूद पत्ते कितने काम के होते हैं, इनमें से एक है अरंडी के पत्ते। अरंडी के पत्तों का इस्तेमाल हिड्डयों की सेहत सुधारने में किया जा सकता है, इसके अलावा भी अरंडी के पत्ते बड़े काम के होते हैं, आइए जानते हैं अरंडी के पत्तों के फायदे।

अरंडी के तेल के फायदे तो हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप अरंडी के पत्तों के फायदे के बारे में जानते हैं, अरंडी के पत्ते बेहद काम के होते हैं, ये किसी चमत्कारी जड़ी—बूटी से कम नहीं हैं, इनका इस्तेमाल चिकित्सा उपायों में किया जाता है। लेकिन हम घर पर भी अरंडी के पत्तों का उपयोग कर सकते हैं, इससे छोटी—छोटी समस्याओं में लाभ मिलता है, सबसे ज्यादा फायदा तिल के तेल के साथ इसे लगाने से मिलता है।
घुटनों पर ऐसे लगाए अरंडी का पत्ता
शरीर में दर्द की स्थिति में भी अरंडी के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं, खासकर घुटनों के दर्द में इससे काफी आराम मिलता है। घर पर इसे इस्तेमाल करने का बहुत सरल तरीका है। सबसे पहले आप एक तवे पर तिल का तेल डालें फिर उस पर अरंडी का पत्ता डालें और हल्का गर्म होने पर उसे घुटने पर लगा लें। कुछ देर तक घुटने को बांध भी लें, इससे आपको जरूर आराम मिलेगा।
पाचन क्रिया में सुधार
सिर्फ दर्द से राहत नहीं, बल्कि अरंडी के पत्तों के इस्तेमाल से पाचन क्रिया में सुधार भी देखने को मिलता है। आप इसके पत्तों को सुखाकर पाउडर भी बना सकते हैं और इस पाउडर को खाली पेट खा सकते हैं। इससे पेट भी साफ होता है और कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।
सूजन में राहत
अरंडी के पत्तों का पेस्ट लगाने से सूजन कम होती है, दर्द में राहत मिलती है। आप घर पर आसानी से अरंडी के पौधे लगा सकते हैं, इसमें कई तरह के प्राकृतिक गुण भी होते हैं, जो कई स्थितियों में मददगार साबित होते हैं।
बालों में ऐसे करें यूज
वैसे तो मार्केट में अरंडी का तेल अवेलेबल हैं, लेकिन आप घर पर भी इसे तैयार कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी तेल को तेज गर्म करके उसमें अरंडी के पत्ते डाल दें, फिर अच्छी तरह पकने दें और जब पत्ता पूरी तरह से पपड़ी बन जाए तो उसे छान लें। तेल को ठंडा होने के बाद बालों में इस्तेमाल करें। इससे आपको अनिंद्रा की समस्या भी दूर होगी।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।